मुठभेड़ में घायल दुष्कर्म का आरोपी जावेद गिरफ्तार, अस्पताल से फरार होकर बना था, पुलिस के लिए चुनौती
प्रतापगढ़। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेन्द्र लाल व सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशान्त राज के कुशल पर्वेक्षण में स्पेशल टीम व थाना कोतवाली नगर पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम द्वारा बड़ी सफलता प्राप्त की गई।
जानकारी के अनुसार, दुष्कर्म के आरोपी जावेद उर्फ़ चाँद बाबू को मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक दरोगा समेत चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। मजेदार बात यह रही कि जावेद के साथ उसकी अभिरक्षा में लगे एक दरोगा और तीन सिपाही भी मेडिकल कालेज से गायब हो गए थे।
दिनांक- 28/12/2025 को थाना कोतवाली नगर के मु0 अ0 सं0 669/25 धारा 261/262 बीएनएस से संबंधित पुलिस अभिरक्षा से फरार अभियुक्त जावेद उर्फ चाँद बाबू पुत्र स्व0 वारिस अली, निवासी- उड़ैयाडीह, थाना पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ को थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत आजाद नगर मैदान के पास से गिरफ्तार किया गया। सवाल उठता है कि दुष्कर्म का आरोपी जावेद किसके यहाँ था ? जिसके यहाँ से उसकी गिरफ्तारी हुई उसका नाम पुलिस क्यों छिपा रही है ?
उक्त अभियुक्त पूर्व में पुलिस अभिरक्षा से इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था, दुष्कर्म का आरोपी जावेद उर्फ़ चाँद बाबू चार दिन बाद नाटकीय अंदाज में आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। जावेद उर्फ़ चाँद बाबू चार दिन से फरार चल रहा था, जो प्रतापगढ़ पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। जिसकी गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
मुखबिर की सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर अभियुक्त को पकड़ लिया। गिरफ्तार अभियुक्त थाना पट्टी के मु0अ0सं0 361/25 धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आर्म्स एक्ट (पुलिस मुठभेड़) से भी संबंधित है। अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था सामान्य है। फिलहाल ये कथन पुलिस का तकिया कलाम ही माना जाता है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित स्पेशल पुलिस टीम ने लगातार दबिश दी। स्पेशल पुलिस टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह, निरीक्षक मो0 इबरार अंसारी, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत सेंगर तथा कॉन्स्टेबल बृजेश सिंह, सुनील यादव, विराट, वीरेंद्र यादव, संजय सिंह सर्विलांस सेल टीम और चालक हेड कांस्टेबल कमलेश यादव की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। स्पेशल पुलिस टीम प्रभारी अर्जुन यादव के नेतृत्व में नगर कोतवाली क्षेत्र से आरोपी जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस की इस सफलता से पट्टी कोतवाली पुलिस का दामन धुलने वाला नहीं है। उसके कथित मुठभेड़ पर सवालिया निशान लग ही रहे हैं। स्पेशल टीम और कोतवाली नगर की पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। देखना होगा कि कोतवाली नगर पुलिस जावेद का मेडिकल मोयना कराकर अदालत के समक्ष पेश करती है अथवा पुलिस अभिरक्षा में उसे फिर इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराती है।
आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है और इसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। परन्तु जनमानस के मन में वही सवाल कौंध रहा है कि जब पट्टी कोतवाली पुलिस जावेद उर्फ़ चाँद बाबू को पुलिस मुठभेड़ में गोली मारकर उसके एक पैर को पंचर कर दिया था, तब वह मेडिकल कॉलेज से इलाज के दौरान पुलिस को चकमा देकर भाग कैसे गया ? आखिर जावेद अपना इलाज कहाँ कराया होगा अथवा बिना इलाज के ही पुलिस से आँख मिचौली का खेल खेल रहा था ?
सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर वह सदर मोड़ से सुल्तानपुर की तरफ भागा था। वहाँ से सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने की बात सामने आई थी। परन्तु पुलिस कोतवाली नगर के आजाद नगर से उसे पकड़ने का दावा कर रही है। अब पुलिस जो बतायेगी उसे तो मानना ही पड़ेगा। पुलिस के इस दावे पर लोग भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। चूँकि जावेद आज़ाद नगर में क्या कर रहा था ? पुलिस अभी भी जावेद की गिरफ्तारी के मामले में झूठ बोल रही है।