वंदे भारत के आगे कूदे प्रेमी-प्रेमिका: सिर धड़ से अलग, हाथ कटे; युवती की मांग में भरा था सिंदूर
लखनऊ में युवक-युवती वंदे भारत ट्रेन के आगे कूद गए। उनकी टुकड़ों में कटी लाश ट्रैक किनारे पड़ी मिली। दोनों सदर में एक प्राइवेट ऑफिस में साथ काम करते थे। युवक पहले से शादीशुदा है और उसका एक साल का बेटा भी है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। घटना आलमनगर स्टेशन के पास रेलवे जलालपुर फाटक पर शनिवार दोपहर पौने 2 बजे हुई।
युवक की पहचान नीलमथा के रहने वाले सूर्यकांत (35) के रूप में हुई। वहीं, युवती अर्जुनगंज के शाह खेड़ा गांव की रहने वाली दीपाली (25) थी। दीपाली 7 जनवरी (बुधवार) को ऑफिस के लिए अपने घर से निकली थी, लेकिन पहुंची नहीं। युवती के घरवालों ने 8 जनवरी को ही सुशांत गोल्फ सिटी थाने में गुमशुदगी की फिर दर्ज कराई थी।
युवती का सिर धड़ से अलग हुआ, युवक के हाथ कटे प्रत्यक्षदर्शी विकास कुमार ने बताया- युवक और युवती आलमनगर स्टेशन के जलालपुर फाटक के पास करीब ढाई घंटे से टहल रहे थे। करीब 1 बजकर 45 मिनट पर वंदे भारत ट्रेन के आने का सिग्नल हुआ। ट्रेन स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी।
अचानक दोनों सामने से आती ट्रेन के आगे ट्रैक पर लेट गए। लोगों ने आवाज लगाई और शोर मचाया, लेकिन तब तक ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई। इससे युवती का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि युवक के दोनों हाथ कट गए। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
एडीसीपी बोले- शादीशुदा था युवक
लोगों ने घटना की सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी के जवानों ने शवों को ट्रैक से हटवाकर तालकटोरा पुलिस को सूचना दी। एडीसीपी धनंजय कुशवाहा भी पहुंचे। उन्होंने बताया- युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट गुरुवार को परिजनों ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज कराई थी।
पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। युवक-युवती सदर में एक ही ऑफिस में काम करते थे। दोनों ने सुसाइड क्यों किया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस को घटनास्थल से दो बैग मिले है। जिसमें करीब एक सप्ताह के कपड़े थे। युवती के पास से एक मोबाइल और युवक के पास से 2 मोबाइल, आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज मिले हैं। पुलिस को शक है कि दोनों ट्रेन पकड़ कर बाहर जाने की योजना बना रहे थे।
असल सिटी में तीन दिन साथ रहे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुसाइड से तीन दिन पहले सूर्यकांत- दीपाली अंसल सिटी इलाके में कमरा किराए पर लेकर साथ रहे। किराया सूर्यकांत ने एडवांस में दिया। इसकी जानकारी दोनों के परिजनों में से किसी को नहीं थी।
10 साल पहले हुई थी सूर्यकांत की शादी
मृतक सूर्यकांत उर्फ सूरज की शादी 10 साल पहले सविता से हुई थी। इससे पहले दोनों का तीन साल प्रेम प्रसंग चला था। इसके बाद परिजनों ने दोनों की शादी करवा दी थी। दोनों का 7 साल एक बेटा कृष्णकांत है। तीनों लोग नीलमथा में रहते थे। वही पत्नी घर पर ही सिलाई का काम करती थी। सूर्यकांत ने अपने आधार कार्ड पर निशातगंज के न्यू हैदराबाद स्थित ससुराल का पता लिखा रखा था।
दो सुसाइड नोट मिले
थाना प्रभारी कुलदीप दुबे के मुताबिक घटना स्थल पर दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, दो बैगों में कपड़े और दो सोसाइट नोट मिले हैं। दीपाली ने सोसाइट नोट में लिखा कि मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना, मैं आप लोगों को हर्ट नहीं करना चाहती थी। मुझे मेरा कांहा मिल गया था। दूसरे सोसाइट नोट में सूर्यकांत ने पत्नी सविता के लिए लिखा कि मुझे माफ कर देना, मेरा पहला प्यार तुम ही हो।
तीन दिन पहले पति-पत्नी को भेजा मायके
सूर्यकांत की पत्नी सविता घर में कपड़े सिलाई का काम करती है। परिवारीजनों ने बताया कि 8 जनवरी को सूर्यकांत पत्नी और बेटे को निशातगंज इलाके में स्थित अपनी ससुराल छोड़ आया था। जिसके बाद सूर्यकांत पत्नी से मोबाइल फोन के जरिए बातचीत करता रहा।
युवती की मांग में भरा था सिंदूर
थाना प्रभारी ने बताया कि युवती की मांग में सिंदूर भरा हुआ था। पुलिस के अनुसार दोनों ने शादी कर ली थी। घटना स्थल से मिले बैग में कई जोड़ी कपड़े मिले हैं। दीपाली और सूर्यकांत कहीं जाने की फिराक में थे। फुटेज में दोनों आलमनगर स्टेशन पर करीब ढाई घंटे टहलते नजर आए हैं।