पुजारी की पीट-पीटकर हत्याः गांजा बेचने का विरोध किया तो नाली में डुबोया, मंदिर के पीछे 20 फीट गहरे गड्ढे में शव फेंका
लखनऊ में मंदिर के पुजारी की हत्या कर दी गई। उनका शव मंदिर के पीछे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में मिला। माथे पर चोट के निशान थे। गला घोंटा गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर छानबीन शुरू कर दी है। घटना दुबग्गा इलाके के आश्रयहीन कॉलोनी में 19 फरवरी की रात की है। पुजारी की पहचान 60 साल के कल्लू प्रजापति उर्फ कल्लू बाबा के रूप में हुई है। वह कॉलोनी के शीतला माता मंदिर में करीब 40 साल से रहकर पूजा-पाठ करते थे।
राहगीर ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी
स-2 आश्रयहीन कॉलोनी में शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गोलू ने शीतला माता मंदिर के पास गड्ढे में कल्लू बाबा का शव देखा। उन्होंने इसकी कॉलोनी के लोगों और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। कल्लू बाबा के माथे पर किसी भारी चीज से वार किए जाने के निशान मिले। गला घोंटे जाने का भी निशान मिला।
मंदिर से निकाल कर सड़क कर फेंका
परिजनों ने बताया कि कल्लू को आरोपियों ने मंदिर से निकाल कर सड़क पर पहले बेहरमी से पीटा। माथे पर भारी चीज से वार किया। फिर किसी चीज से गला घोंट दिया। उसके बाद नाली में डुबो दिया। जब कल्लू बाबा की मौत हो गई तो उनको मंदिर के पीछे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में फेंक दिया।
मंदिर के बगल में बिकता था गांजा
भाई पुत्तीलाल ने बताया- कल्लू बाबा का बगल में रहने वाली एक महिला और उसके भाई से लड़ाई चल रही थी। महिला गांजा बेचती थी। उसके दो भाई भी उसका साथ देते थे। 19 फरवरी की रात में इन लोगों ने मंदिर की लाइट बंद कर दी थी, जिसको लेकर कहासुनी हुई थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में भी इस बात की पुष्टि हुई है। पुलिस इसी एंगल पर जांच कर रही है।
मृतक की नहीं हुई थी शादी
कल्लू बाबा नेवतनी, मोहन रोड, थाना हसनगंज, जिला उन्नाव के रहने वाले थे। उनके 2 भाई पुत्ती लाल और कमल बाबू हैं। एक भाई भोलाई की मौत हो चुकी है। जिस मंदिर में कल्लू बाबा रहते थे, उसे गुड्डू लोधी ने बनवाया है। वह गायों की सेवा भी करते हैं
दुबग्गा पुलिस ने बताया कि परिजनों ने राहुल रावत, अंकित तिवारी, राहुल कनौजिया के खिलाफ कल्लू बाबा की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने फिर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।