तीन दिन तक पड़ा रहा कमरे में शव: घर लाए घायल की मौत होने पर कमरा बंद करके भागा दोस्त
दिल्ली के पांडव नगर में घायल युवक को उसका दोस्त कमरे में लेकर आया। वहां उनका एक और दोस्त भी था। मगर घायल युवक की मौत हो गई। यह देख दोनों युवक डर गए। उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया और कमरा बंद करके भाग गए। फिर कैसे पुलिस तक इसकी जानकारी पहुंची राजधानी दिल्ली से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।
यहां पांडव नगर में एक युवक घायल बाइक से गिरकर घायल हो गया। दोस्त उसे उसी के घर ले गया। वहां एक और दोस्त भी था। अगले दिन जब दोनों उठे तो पाया कि उनका घायल दोस्त उठ नहीं रहा है। उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह देख दोनों दोस्त घबरा गए। उन्होंने कमरा लॉक किया और वहां से भाग गए।
यही नहीं, दोनों ने डर के मारे इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं बताया। तीन दिनों तक मृतक का शव यूं ही कमरे में पड़ा रहा। मृतक के घर वाले उधर उसे लगातार फोन कर रहे थे। तीन दिन बाद जब वो उसके कमरे में पहुंचे तो देखा कि वो तो मृत है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने जब आस-पास लगे सीसीटीवी खंगाले तो वहां मृतक के दोनों दोस्त दिखे।
जानकारी के मुताबिक, नोएडा में सड़क हादसे में घायल होने के बाद खून से लथपथ फैज उर्फ साहिल को उसका दोस्त सचिन अपनी पीठ पर कपड़े से बांधकर उसी के कमरे में ले गया। कमरे में पहले से ही अलीम नामक युवक सो रहा था। वो भी फैज का दोस्त था। सुबह जब सचिन और अलीम उठे तो उन्होंने फैज को भी उठाने की कोशिश की।
लेकिन वो उठा नहीं। फिर सचिन और अलीम दोनों फैज को उसी हालत में छोड़कर वहां से भाग गए। पुलिस ने बताया- 6 दिसंबर को पांडव नगर थाना पुलिस को पीसीआर कॉल मिली थी। कॉलर ने पुलिस को बताया कि पीर वाली गली के मकान नंबर 52 में एक लड़का तीन दिन से फोन नहीं उठा रहा था। आकर देखा तो वो मृत मिला। उसके सिर पर चोट के निशान थे।
मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी की फुटेज और सीडीआर डिटेल निकाली गई। जांच में पता चला कि दो दिसंबर को आखिरी बार फैज ने सचिन और अलीम से बात की थी। पुलिस ने फिर दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया।
तीनों ने मिलकर पहले शराब पी थी
सचिन ने पुलिस को बताया- हम तीनों दोस्तों ने मिलकर शराब पी। अलीम सोने चला गया। मैं फैज के साथ सिगरेट लेने के लिए बाइक पर निकला। मगर सेक्टर-16 में स्पीड ब्रेकर के कारण फैज बाइक से गिर गया। उसकी नाक, पैर और सिर पर चोट आई। मैं उसे लेकर अपने चचेरे भाई के यहां गया। मगर उसने मदद से इनकर कर दिया। फिर मैं फैज को वापस उसी के कमरे में ले आया।
चेहरे पर पानी डालने पर भी नहीं उठा
पुलिस को सचिन ने आगे बताया- अगले दिन सुबह 8 से 9 बजे मैं और अलीम उठे। हमने फैज को जगाने की कोशिश की।उसके चेहरे पर पानी भी डाला। मगर वो कोई जवाब नहीं दे रहा था। हमें लगा कि उसकी मौत हो गई है। इसलिए हम डर के मारे वहां से भाग गए और किसी से कुछ नहीं कहा।