7 वीं के छात्र को गोली मारने वाला पूर्व MLC का भतीजा बाल सुधार-गृह गया:बोला- रिवॉल्वर चेक करते वक्त गोली चल गई, दोस्त के माथे पर लगी, वो मर गया
लखनऊ में 13 साल के छात्र की गोली लगने से मौत मामले में पूर्व बसपा MLC के भतीजे को बुधवार को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। आरोपी किशोर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने पिता की रिवाल्वर चेक कर रहा था। इस दौरान गलती से गोली चल गई, जिससे दोस्त उनैज की मौत हो गई।
एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने बताया- किशोर ने गलती से गोली चलने की बात कबूल ली है। CCTV में घटना से पहले किशोर अकेले ही गाड़ी से रिवाल्वर लेकर जाते दिख रहा है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही कुछ और कहा जा सकता है।

अब समझिये पूरा मामला…
सरोजनीनगर के बेहसा गांव में रहने वाले जमीर खान इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाते हैं। उनका बेटा उनैज स्टेलामेरी स्कूल में 7वीं कक्षा में पढ़ता था। जमीर ने बताया था- कृष्णानगर में बालाजी कॉम्प्लेक्स में रहने वाले बिजनेसमैन संजीव त्रिपाठी के यहां सोमवार को बर्थडे पार्टी थी। संजीव का बेटा अपने दोस्त के साथ मेरे घर पहुंचा। बेटे को साथ ले जाने लगा तो मैंने मना कर दिया। लेकिन, लड़के जबरदस्ती उनैज को लेकर चले गए। बेटा भी दोस्ती के नाते चला गया।
सोमवार शाम 7:30 बजे आरोपी के पिता संजीव त्रिपाठी ने मुझे वॉट्सऐप पर फोन किया। मेरे बड़े बेटे उसैद ने फोन उठाया था। संजीव ने फोन पर कहा था- तुम्हारा भाई लोकबंधु में है, तुरंत अस्पताल आ जाओ। इसके बाद हम सभी लोग लोकबंधु अस्पताल पहुंचे। लेकिन, वहां हमें बच्चे से नहीं मिलने दिया गया। कुछ देर बाद पुलिस ने मृत अवस्था में बेटे को दिखाया था। जमीर खान ने आरोप लगाया था- हत्या को छिपाने की कोशिश की जा रही है। इन लोगों ने रोजे वाले दिन बेटे को मार दिया।
‘अगर गोली हमारे बेटे से चली होती तो अब तक बुलडोजर चल जाता’
पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार को शव घर पहुंचा था। जमीर से मिलने वालों का तांता लग गया। सभी लोग उसे ढांढस बंधाने में लगे थे। इस दौरान कई बार लोगों का पुलिस के खिलाफ आक्रोश भी देखने को मिला था। लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए थे।
एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा और इंस्पेक्टर कृष्णानगर पीके सिंह ने पिता जमीर से बात कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। बातचीत में जमीर ने एसीपी से कहा था- मान लिया कार्रवाई में दो दिन लगेंगे। लेकिन, अगर यही अपोजिट होता।
यही गोली मेरे बच्चे से उनके बच्चे को लगी होती तो पुलिस होती, झंडे होते, बुलडोजर होता और मेरा घर होता। पुलिस का डंडा हमारे सारे रिश्तेदार और मोहल्लेवालों पर चल गया होता। अगर पुलिस नहीं करती तो उनसे करवाया जाता। इसके अलावा कोई सवाल नहीं है जहन में…। मेरा बच्चा तो चला गया। अब क्या बचा?
पूर्व एमएलसी हैं आरोपी के चाचा
आरोपी छात्र के चाचा अरविंद कुमार त्रिपाठी उर्फ गुड्डू त्रिपाठी बसपा से MLC रह चुके हैं। जिन्होंने बाद में भाजपा ज्वाइन कर ली थी। जमीर खान का आरोप है कि गोली गलती से नहीं लगी, बीच माथे पर सटाकर मारी गई है। इसके लिए कुछ लोगों ने मेरे बच्चे के हाथ-पैर भी पकड़े होंगे। आरोपी के पिता संजीव त्रिपाठी ने पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में मुझे देख लेने की धमकी भी दी थी।
रिवॉल्वर पूर्व एमएलसी के भाई की है
मृतक के चाचा अतीक खान ने बताया- उनैज का हत्यारोपी दोस्त गुड्डू पंडित का भतीजा है। गुड्डू पंडित डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के रिश्ते के साले हैं। छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें दोस्त नवनीत, अभिनव, कार्तिकेय, नवनीत का ड्राइवर और उसके पिता संजीव त्रिपाठी व मां को नामजद किया है। पुलिस जांच में सामने आया संजीव त्रिपाठी के एलडीए मोड़ बालाजी काम्प्लेक्स कृष्णानगर स्थित घर में नीचे बने कमरे में पार्टी के दौरान गोली चली। रिवाल्वर संजीव के नाम पर है।