देश के राजनीतिक दलों के जननायक और सरकार जवाब दे कि संविधान में जातिगत आरक्षण की ब्यवस्था कहाँ है ?  

जाति और धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक न्याय की परिकल्पना को साकार करना होगा…

सरकारें केवल इतना जवाब दें कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्यों में ऊँचा क्या है और इसका आधार क्या है ?

प्रश्न ये है कि ब्राह्मणों, कायस्थ, क्षत्रियों, वैश्य, आदि को किस आधार पर ऊँची जाती वाला बोल कर सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है ? आज के दौर में ऐसा क्या है कि इन जाति में जो ऊँचा है, सरकारों को ये भी खुलासा करना चाहिए। जबकि ये जातियां अल्पसंख्यक होते जा रहे हैं। समाज में जिस तरह विभाजनकारी नीति का प्रतिपादन किया जा रहा है, उससे समाज एक दिन स्वतः नष्ट हो जायेगा। आपस में जाति के नाम पर भेद भाव करते हुए समाज को बांटने की नीति किसी भी स्तर से उचित नहीं है।

अगर पाठ पूजा करना, पंचांग पढ़ना, हवन करवाना (उनके पौराणिक व्यवसाय के कारण), देश और समाज की सुरक्षा करने, उनके सम्मान और अस्मिता की रक्षा करने मे अपनी जान न्यौछावर करना, देश समाज की आर्थिक ढांचे को सुचारू रूप से चलने और व्यवसाय करने को सवर्ण जाति कहा जाता है, तो मैं बताना चाहता हूँ कि आजकल मंदिर के पुरोहित मंदिर कमेटी के आधीन नौकरी करते हैं, जिन्हें बहुत ही अल्प वेतन पर रखा जाता है और मंदिर-कमेटी के सदस्यों के दबाव में रहना पड़ता है।

देश के संविधान में उच्च जातियों में ऊँचा क्या है ?  

सेना और पुलिस आदि में सभी जाति वर्ग के भर्ती होते हैं, व्यापार भी अब सभी वर्ग और जाति द्वारा किया जाता है, कई पुजारिओं पर अब तो गाली भी पड़ने लगी हैं, फिर किस प्रकार इनको उच्च बोल कर सरकारी नौकरी में, सरकारी स्कूल में, सरकारी स्कीमों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाती। उनमें हीन भावना उत्पन्न होती हैं और आजीवन उस हीन भावना से वह ब्यक्ति मुक्त नहीं हो सकता। नई पीढ़ी जिन्हें किसी परीक्षा या इंटरव्यू में कोई रियायत नहीं मिलती, क्षमता होते हुए भी अपने से कम क्षमता वाले का चयन होते देखकर, वे आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।

क्या इस सविंधान ने मुगलों के जुल्म सहने का इनाम, मुग़लों से युद्ध लड़कर देश के लिए पूरे परिवार का शहीद होना, फिर मुगलों द्वारा जब ब्राह्मणों और क्षत्रियों को काटा जाता था, वैश्यों को लुटा जाता था, वेद पुराण, ग्रंथों को जलाया जाता था, तो ब्राह्मण ही था जिसे वेद पुराण कंठस्थ थे और वो जुल्म सहन करता हुआ भी छुप छुप कर अपने बच्चों को मंत्र, हवन, क्रियाकर्म की विधि, मुंडन की विधि, गृह प्रवेश, भूमि पूजन आदि सिखाता रहता था, ताकि अपने देश की संस्कृति जिन्दा रह सके। एक तरह से देश की सभ्यता और संस्कृति बचने के उन्हें ईनाम दिया जा रहा है।

ब्यापार में तो आरक्षण की सुविधा नहीं है, तो क्या ब्यापार में पिछड़ा और अनुसूचित जाति व जनजाति के लोग आगे नहीं बढ़ते… 

वो क्षत्रिय होता था, जो वन वन भटक भटक कर अपने बच्चे को घांस की रोटी खिला खिला कर देश की रक्षा का पाठ पढ़ाता था, ताकि इस देश की रक्षा हो सके और वह हिन्दू धर्म को बचा सके। गुरु साहिब के मासूम पुत्रो को चुनाया जाता था, उनके शहीद स्थल को खरीदने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करके, अपने लिए कोई संतान ना उत्पन्न करके अपना वंश समाप्त करने का काम भी व्यवसाई वैश्य ने ही किया था। ऐसे प्रयासों से इन ने हिन्दू धर्म को बचा लिया, जबकि एक हजार वर्ष मुग़लों और 200 वर्षों अंग्रेज़ों के जुल्म के बावजूद भारतीयों को हिन्दू बनाये रखा और आज उन्हीं जातियों का अपमान हो रहा है।

हम कोई विशेष सम्मान नहीं चाहते, परन्तु कम से कम सरकारी स्कीमों या निजी कार्य में बराबरी तो मिले, ये कैसी उच्च जाति व्यवस्था है कि उच्च बोल कर हमें प्रताड़ित किया जा रहा रहा है ? सरकारें केवल इतना जवाब दे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्यों में ऊँचा क्या है और इसका आधार क्या है ? इस व्यवस्था ने हमें मजबूर कर दिया है कि हम इन समाज को एकजुट करें और इस व्यवस्था को खत्म करें। आरक्षण ब्यवस्था जो जाति आधारित है, इसे तत्काल समाप्त किया जाए और आर्थिक आधार पर ही आरक्षण की ब्यवस्था लागू की जाए।

औरंगाबाद में मॉब लिंचिंग का मामला; कार सवार तीन लोगों की हत्या को लेकर 6 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, वीडियो फुटेज से हुई पहचान     |     ट्रेन हादसा होते होते टला, प्लेटफॉर्म के पास मालगाड़ी के पहिए पटरी से उतरे, रेलवे टीम राहत-बचाव में जुटी     |     पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बावरिया गिरोह के 8 सदस्य को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 6 हुए फरार     |     हत्यारा बना रूम पार्टनर; मामूली सी बात पर युवक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या     |     हरणी झील में बड़ा हादसा; नाव पलटने से दो शिक्षकों और 13 छात्रों समेत 15 की हुई मौत      |     सरप्राइज देने के लिए पहाड़ी पर गर्लफ्रेंड को बुलाया, फिर चाकू से गला काटकर कर दी हत्या     |     बीमार ससुर से परेशान बहू ने उठाया खौफनाक कदम गला दबाकर की हत्या, आरोपी महिला को पुलिस ने किया गिरफ्तार     |     हत्यारों ने हैवानियत की हदें की पार,मां-बेटी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या,शव के साथ हुई बर्बरता,शव देखकर कांप गए देखने वाले     |     अजब गजब:जीवित रहते हुए की अपनी तेरहवीं,तेरहवीं में शामिल हुआ पूरा गांव, 2 दिन बाद हुई मौत,हर कोई रह गया दंग     |     सिविल मामले में राजस्व विभाग और पुलिस महकमा की दबंगई को हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पहले जैसी स्थिति बहाल करने का दिया आदेश     |     कांग्रेस हाईकमान का मास्टरस्ट्रोक भी हुआ धड़ाम, बिना सूचना यूपी के प्रदेशध्यक्ष पद से अजय राय को हटाना कालिदास बनने जैसा है     |     मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने करीब 46 याचिकाओं पर की, सुनवाई     |     अभिजीत दीपके को जिस बात का था डर, वही हो गया, CJP को अपनों ने ही दे दिया इतना बड़ा धोखा, अब डर से गिड़गिड़ाते हुए आ रहे है, नज़र      |     आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान से देश में शुरू हुई नई बहस, “बांग्लादेश ने हमें रास्ता दिखाया”— नेहा बोरा     |     विदेशी फंडिंग के बल पर देश में अस्थिरता पैदा करने वालों को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने सिखाया सबक, बतलाई उनकी असल औकात     |     सनातन विरोधी दलबदलू व बहुरुपिया स्वामी प्रसाद मौर्य की राजनीतिक चार धाम यात्रा       |     राहुल-अखिलेश समेत 11INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की याचिका, कमी की वजह से नहीं हो सकी सुनवाई     |     जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन बैन, सरकार ने तय कीं तीन नई जगहें     |     बलरामपुर को 803 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री ने 78 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, बोले- विकास में नहीं आने देंगे कमी – योगी आदित्यनाथ     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9721975000