मां का कटा हाथ लेकर घूम रहा जवान: बिलखते हुए पुलिस आयुक्त से मांगा इंसाफ
कानपुर में आईटीबीपी जवान विकास सिंह मंगलवार दोपहर आइस बॉक्स में अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इससे पुलिस ऑफिस में सनसनी फैल गई। पुलिसकर्मी और फरियादियों की भीड़ जुट गई। जवान ने रोते हुए टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में मां के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इसके चलते उनके हाथ में संक्रमण फैल गया। उनकी जान बचाने के लिए एक अन्य अस्पताल में डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने पूरा मामला जानने के बाद सीएमओ से जांच के लिए पत्र भेजा है।
छह महीने पहले पैनल से बाहर किया हॉस्पिटल
आईटीबीपी के जवान संग आए संपर्क अधिकारी अर्पित सिंह ने बताया कि पूर्व में आईटीबीपी के दो जवानों के इलाज में लापरवाही के मामले सामने आए थे। कई अन्य स्टाफ के परिजन की हालत भी बिगड़ गई थी जिसकी वजह से कृष्णा हॉस्पिटल को मेडिकल पैनल से हटा दिया गया था। विकास सिंह अपनी मां की हालत बिगड़ने पर उन्हें वहां ले गए थे। अस्पताल के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग हाथ नष्ट करने का बना रहा दबाव
जिस हाथ से बचपन में खाना खाया, आज उसे लेकर घूम रहा…
स्टाफ ऑफिसर बोले… ज्यादा नेतागिरी न करो
तीन साल पहले आए हैं शहर
कृष्णा अस्पताल से टीम ने जुटाए दस्तावेज
डॉ. रमित ने बताया कि अभी तक की जांच में रोगी के हाथ काटने का कारण गैंगरीन सामने आया है। बुधवार को सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी और परिजनों के अलावा इसके इलाज से संबंधित जानकारी के लिए कृष्णा अस्पताल और पारस अस्पताल के डॉक्टरों से भी पूछताछ की जाएगी।
एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में तीन और सदस्य डॉ प्रणव, डॉ. नीलेश और डॉ. मिनी शामिल हैं। तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमओ