बचाव में देरी… आंखें नम, गम और टूटा सब्र का बांध, मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में 13 के डूबने की कहानी
आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने आए गांव कुसियापुर डूंगरवाला के 13 लोग गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को बचा लिया। आगरा की उटंगन नदी में 13 युवकों के डूबने और पुलिस-प्रशासन की उदासीनता पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। 4 घंटे इंतजार के बाद भी बचाव कार्य शुरू न होने पर अपनों के लापता होने के गम से आहत ग्रामीणों ने ऊंटगिरी और कागारौल चौराहे पर हंगामा करते हुए जाम लगा दिया।
कब क्या हुआ
दोपहर 12:30 बजे कुरियापुर से ग्रामीण मूर्ति विसर्जित करने के लिए गांव से निकले।
दोपहर 12:55 बजे उटगन में मुख्य स्थल से 300 मीटर की दूरी पर विसर्जन करने लगे। दोपहर 1:00 बजे गहरे पानी में जाने की बजह से 13 दूब गए।
दोपहर 1:10 बजे एक युवक को बाहर निकाल लिया गया।
दोपहर 1:30 बजे एक दरोगा पहुंच गए। उन्होंने तलाश शुरू की। दो को बाहर निकाला।
दोपहर 2:30 बजे: एसीपी सखेरागढ़ इमरान अहमद मौके पर पहुंचे।
दोपहर 3:00 बजे डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा पहुंच गए। उन्होंने बचाव कार्य शुरू कराया।
शाम 5:00 बजे ग्रामीणों ने कागारौल और कंटगिरि बौराहे पर जाम लगा दिया।
शाम 5:30 बजे: एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। शाम 7:00 बजे: एसडीआरएफ की टीम पहुंची। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
उटंगन में मूर्ति विसर्जन करते 13 डूबे, एक को बचाया, 3 की मौत
आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने आए गांव कुसियापुर डूंगरवाला के 13 लोग गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को बचा लिया।
दो युवकों ओमपाल और गगन के शव निकाले गए
डेढ़ घंटे बाद पुलिस की मदद से दो युवकों ओमपाल और गगन के शव निकाले गए जबकि देर रात एक अन्य किशोर मनोज का शव मिल गया। अब भी नौ का पता नहीं चल सका है। इनमें पांच नाबालिग हैं। दशहरा पर हुए इस हादसे से इलाके में मातम पसर गया।
नदी के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं
सूचना पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। पुलिस तैनात होती तो हादसा नहीं होता। गुस्साए लोगों ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम के नहीं पहुंचने पर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने पर 2 घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए।
दशहरा पर मूर्ति के विसर्जन के लिए पहुंचे थे लोग
हादसा दोपहर एक बजे हुआ। खेरागढ़ के गांव कुसियापुर में चामड़ माता के मंदिर के पास नवरात्र में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई थी। दशहरा पर मूर्ति के विसर्जन के लिए गांव के 40-50 पुरुष, महिलाएं और बच्चे उटंगन नदी के पास पहुंचे। इनमें विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके (16), सचिन पुत्र रामवीर (26), गजेंद्र (17), मनोज (14), वीनेश (18), करन (21) और दीपक (15) गहरे पानी में चले गए।
अचानक पानी की गहराई बढ़ने लगी
ग्रामीणों के मुताबिक, अचानक पानी की गहराई बढ़ने लगी। इस पर सभी लोग डूबने लगे। यह देखकर किनारे पर खड़े ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई। मगर बचाव के साधन नहीं होने की वजह से वह लोग कुछ नहीं कर सके। बाद में कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत की और पानी में कूदकर विष्णु को बाहर निकाल लिया। हालत गंभीर होने पर उसे आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी रेफर कर दिया गया।
6 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम पहुंची
बाकी के डूबने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। करीब डेढ़ घंटे बाद ओमपाल और गगन को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। नदी में डूबे अन्य 10 की तलाश के लिए 6 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम पहुंची। पुलिस ने भी गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। देर रात मनोज का भी शव मिल गया। खबर लिखे जाने तक अन्य 9 लोगों की तलाश जारी थी।थाना खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी के किनारे मूर्ति विसर्जन स्थल बनाया था जहां पर पुलिस की ड्यूटी लगी थी। मूर्ति विसर्जन स्थल से कुछ दूर आगे बीच नदी में जाकर लोगों ने मूर्ति विसर्जन किया। वहां पर कुछ लोग डूब गए। सूचना पर पुलिस पहुंची। स्थानीय गोताखोर और लोगों की मदद से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। दो की मृत्यु हुई है। एक को बचाया गया है। – अतुल शर्मा, डीसीपी पश्चिमी जोन