“जहरीले पानी ने छीन लिया माँ का मासूम लाल” दूध में पानी मिलाकर पिलाते ही बिगड़ी तबीयत
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हड़कंप मच गया है। गंदा पानी पीने से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें छह माह का मासूम भी शामिल है, जबकि 60 से अधिक लोग अब भी अस्पातल में भर्ती हैं। जिन 7 लोगों की मौत हुई है, उनमें 6 माह का एक मासूम भी है। देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल ने कोहराम मचा दिया है।
गंदा पानी पीने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं। जिन सात लोगों की मौत हुई है, उनमें 6 माह का एक मासूम बच्चा भी है। बच्चे की मां ने दूध में दूषित पानी मिलाकर उसे पिला दिया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। भागीरथपुरा के मराठी मोहल्ले में रहने वाले परिवार के अनुसार, बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी।
इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद उसकी मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि 10 साल की मन्नतों और काफी इलाज के बाद यह बच्चा उनके जीवन में आया था। गर्भावस्था के दौरान भी बच्चे की मां को गायनिक समस्याओं के चलते करीब नौ महीने तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा था।
दूध में पानी मिलाकर पिलाया, पीते ही बिगड़ी तबीयत
परिवार का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा था। मां ने बताया कि दूध कम आने के कारण मजबूरी में उसे बाहर से लाए गए दूध में पानी मिलाकर बच्चे को पिलाना पड़ा। इसी दूषित पानी के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी जान चली गई।परिजनों ने यह भी बताया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी अक्सर पेट दर्द की शिकायत रहती है।
मां का दर्द छलकते हुए कहना है कि मेरा बच्चा तो चला गया, लेकिन पता नहीं और कितने मासूम इस गंदे पानी की भेंट चढ़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित पानी पीने से अब तक 149 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। उल्टी-दस्त और पेट के संक्रमण के कारण अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आज पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस घटना ने प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या बोले इंदौर के महापौर?
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि पानी की टंकी से निकलने वाली मुख्य पाइपलाइन में एक स्थान पर ड्रेनेज और सीवरेज का गंदा पानी मिल रहा था। नगर निगम की टीम ने उस स्थान की पहचान कर ली है और उसे ठीक करने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय है और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
महापौर ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर बताया तथा कहा कि इंदौर जैसे शहर में इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और लंबित टेंडरों को दोबारा जारी कर तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पूरे मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।