सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर अखिलेश यादव चिंतित,बोले-बीजेपी को किसी के जीवन की परवाह नहीं
लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण संरक्षक सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।अखिलेश ने पोस्ट में लिखा कि सोनम वांगचुक से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें,उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए भी।
आपका जीवन मानवता और लोकतंत्र के लिए अनमोल
अखिलेश यादव ने अपनी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें,उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता,पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति अद्भुत प्रतिबद्धता है।अखिलेश ने कहा कि देश को वांगचुक जैसे लोगों की जरूरत है और उनका संघर्ष आगे भी लोकतंत्र और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरणा देता रहे।
भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है,उनके लिए धन ही प्रधान है,वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है।अखिलेश ने कहा कि जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। सत्याग्रह का महत्व वो क्या जानें जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं,उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है,न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज लोग हैं।
बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस सरकार को जगाने के लिए वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं,वह सिद्धांतहीन,भ्रष्ट और असंवेदनशील है।अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा को किसी के त्याग या जीवन की कोई परवाह नहीं है और वह केवल सत्ता और धन के अहंकार में डूबी हुई है।
आप संघर्ष की प्रेरणा बने रहें
अखिलेश यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक का मनोबल और नैतिक शक्ति हर सच्चे भारतीय के लिए प्रेरणा है। अखिलेश ने कामना की कि वांगचुक लोकतंत्र, युवाओं और पर्यावरण की लड़ाई में नकारात्मक ताकतों के खिलाफ आगे भी प्रकाश स्तंभ बने रहें।
लगातार बिगड़ रही है वांगचुक की तबीयत
इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही है।सीजेपी के मुताबिक 16 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका करीब 8.2 किलोग्राम वजन कम हो चुका है,जबकि ब्लड ग्लूकोज स्तर 67 mg/dL तक पहुंच गया है।सीजेपी का कहना है कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें
सीजेपी की प्रमुख मांग है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें,इसके अलावा परीक्षा गड़बड़ियों से जुड़े कथित आत्महत्या के मामलों में मृत छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है।सीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का भी ऐलान किया है।