अमेरिका-ईरान में ज़ंग शुरू होने से ताजमहल में आधे से भी कम रह गए पर्यटक,आने वाले सीजन में केवल शादियों और कांफ्रेंस से उम्मीद
आगरा।अमेरिका-ईरान में फिर से जंग शुरू होने से आगरा के पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदें टूट गई हैं।अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं,जवाब में ईरान आसपास के देशों में अमेरिकी बेस पर हमले कर रहा है।जुलाई-अगस्त की एडवांस बुकिंग में पिछले साल की अपेक्षा 50 प्रतिशत तक की गिरावट है।आगे की हालत भी ठीक नजर नहीं आ रही है। कारोबारियों का आकलन है कि युद्ध जितना लंबा खिंचेगा, पर्यटन को उतना ही अधिक नुकसान पहुंचेगा।इन दिनों आगरा का पर्यटन कारोबार वेडिंग,वीकेंड और कांफ्रेंस के सहारे चल रहा है। आगरा में पर्यटन सीजन अक्टूबर से मार्च तक रहता है।इन दिनों यहां मौसम अनुकूल होने से विदेशी पर्यटक भारी संख्या में आते हैं।अप्रैल से सितंबर तक आगरा में आफ सीजन रहता है।अप्रैल से जून तक गर्मी अधिक रहती है,जिसमें विदेशी पर्यटक बहुत कम आते हैं।जुलाई से विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगती है।
इस बार 28 फरवरी से ईरान-अमेरिका में ज़ंग शुरू हो गयी थी,जिससे फ्लाइंग कंपनियों को अपना रूट बदलना पड़ा था, फ्लाइट के टिकट के मूल्य में दो गुना से अधिक तक की बढ़ोतरी हो गई थी। इससे मार्च के अंत तक चलने वाला पर्यटन सीजन विदेशी पर्यटकों द्वारा बुकिंंग कैंसिल करने से बीच में ही खत्म हो गया था।युद्ध विराम के बाद पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद जगी थी कि स्थिति में सुधार होगा। युद्ध विराम खत्म होने से पर्यटन कारोबारियों की उम्मीद को जोर का झटका लगा है।आगरा का पर्यटन और होटल इंडस्ट्री इन दिनों वीकेंड तक सिमटकर रह गई है।सहालग में हो रही शादियों की बुकिंग और कांफ्रेंस के चलते बड़े होटलों में तो कमरे लग भी रहे हैं, लेकिन बजट क्लास होटल खाली पड़े हैं।
विदेशी पर्यटकों द्वारा जुलाई-अगस्त की एडवांस बुकिंग बहुत कम कराई गई हैं।पिछले साल की अपेक्षा इसमें 50 प्रतिशत तक की गिरावट है।अभी पर्यटन कारोबार में वृद्धि की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है। सरकार को विदेशों में भारतीय पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार पर ध्यान देना चाहिए।