बिहार के गया सेंट्रल जेल में बंद अतीक गैंग के शूटर मो. अरमान को रविवार शाम यूपी पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज ले गई। प्रयागराज पुलिस टीम उसे ले जाने के लिए गया जी पहुंची थी। जेल प्रशासन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शाम करीब 5 बजे अरमान को गुप्त तरीके से पुलिस टीम अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
प्रयागराज में चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में अरमान आरोपी है और उस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है। करीब साढ़े तीन साल से गया जी जेल में बंद अरमान के बाहर निकलने की भनक लगते ही परिजन जेल गेट पर पहुंच गए, लेकिन तब तक पुलिस उसे लेकर निकल चुकी थी। एसएसपी सुशील कुमार ने अरमान को यूपी पुलिस द्वारा ले जाए जाने की पुष्टि की है।
परिजन जेल गेट पर करते रहे इंतजार
मो. अरमान के छोटे भाई इमरान ने बताया कि सूचना मिलने पर वे लोग भाई से मिलने जेल पहुंचे। जेल प्रशासन से अरमान के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि ऐसा कुछ नहीं है। जेल के बाहर गेट इंतजार करते रहे। बाद में पता चला कि शाम पांच बजे ही यूपी पुलिस अरमान को लेकर निकल चुकी है।
परिवार को अरमान की जान का खतरा
इमरान ने अरमान की जान को खतरा होने की आशंका जताई। उसने डर जताया कि प्रयागराज ले जाने के दौरान अरमान के साथ कोई अनहोनी न सकती है। इसको लेकर परिजन परेशान है।
क्या है मामला?
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड की जांच में अरमान का नाम सामने आया। यूपी पुलिस के मुताबिक, वारदात से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार नजर आया था। पुलिस का आरोप है कि बाइक अरमान चला रहा था और उसके पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। इसके बाद पुलिस ने अरमान पर पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
गया जी सेंट्रल जेल में साढ़े तीन साल से था बंद
हत्याकांड के बाद पुलिस से बचने के लिए अरमान गया जी लौट गया। गया जी शहर के कठोतर तालाब मोहल्ले के रहने वाले अरमान का नाम यहां भोलू अंडा वाले पर हुई फायरिंग में सामने आया। केस दर्ज होने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 27 फरवरी 2023 को उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इसके बाद से वह यहीं बंद था। इस दौरान प्रयागराज पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में उसकी तलाश करती रही।
जेल पहुंचकर यूपी पुलिस ने की थी पहचान
30 सितंबर को धूमनगंज पुलिस को अरमान के गया जेल में बंद होने की जानकारी मिली। टीम गया जी सेंट्रल जेल पहुंची और जेल रिकॉर्ड खंगालने के बाद उसकी पहचान की। इसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी कर टीम लौट गई। उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ और आगे की कार्रवाई के लिए अरमान को प्रयागराज ले जाने के लिए 1 अक्टूबर को गया जी सिविल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी गई थी।