उत्तरप्रदेशअपराधफर्रुखाबाद पोता बना हैवान:हंसिया के वार से दादी की हत्या, पुलिस से बोला- हम पर कुछ सवार हो गया था By Pratibha Rajdar Last updated Oct 8, 2026 62 फर्रुखाबाद जिले के नवाबगंज क्षेत्र में थाना प्रभारी निरीक्षक ने कमरे की कुंडी खोलकर किशोर को बाहर निकाला और उससे पूछताछ की तो वह प्रभारी निरीक्षक से बोला अंकल हमसे क्या हो गया है, हमें नहीं मालूम। पुलिस पकड़कर थाने ले जाने लगी, तो बोला हमें अब कहा ले जा रहे हो। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि तुम्हें सही जगह भेजा जा रहा है। इस दौरान उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं था। इस बीच एक सिपाही ने कहा कि चोरी करते थे तो बोला कि खर्च करने के लिए रुपये नहीं होते थे तो चोरी कर लेते थे। उससे पूछा कि दादी को क्या लूटने के लिए मार डाला तो बोला नहीं। हमसे क्या हुआ हमें पता नहीं है। हम पर कुछ सवार हो गया था। तभी यह सब हो गया है। थाने पहुंचने पर भी वह आराम से बैठा रहा और कोई कुछ पूछता तो वह उसका जवाब भी दे रहा था। उसे दादी की हत्या करने और बहन को घायल करने का कोई पछतावा नहीं था। शिल्पी बोली- यदि घर में होती तो उसकी हत्या हो जाती लक्ष्मी देवी का मोहल्ले के लोगों से अच्छा व्यवहार था। इससे उनके अंतिम दर्शन करने बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। वहां बिलख रही बेटी शिल्पी को सभी ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे। इसी दौरान शिल्पी ने कहा कि यदि मां के साथ वह घर पर होती तो उसकी भी हत्या कर दी गई होती। वह पिता के साथ दवा लेने गई थी। इससे वह बच गई। नहीं जाता था स्कूल कक्षा 11 का छात्र होने के बावजूद घर वाले हत्यारोपी किशोर को स्कूल नहीं भेजते थे। वह घर में भी चोरी करता था। जब घर से बाहर निकल जाता था तब वह दुकानों में भी चोरी कर लेता था। इससे आए दिन विवाद होता था। इसीलिए उसे घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। मानवी बोली- भाई पर था हत्या का खून सवार किशोर की बहन मानवी का कहना है जब वह हमारी सगी दादी मिथलेश कुमारी पर हंसिया से हमला कर रहा था, तब उसके भाई पर खून सवार था। उसकी भी जान जाते-जाते बची। अगर बाबा अंदर न आते तो शायद वह उसे व दादी को भी मार देता। ये था पूरा मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र में चचेरे बाबा-दादी की संपत्ति न मिलने से नाराज नाबालिग पौत्र ने हंसिया से सिर व शरीर पर वार कर हत्या कर दी। इस दौरान बचाने आईं सगी दादी व बहन को भी हंसिया से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद रस्सी से हाथ-पैर बांधकर दोनों को डाल दिया। बाबा ने उसे दबोच लिया और कमरे में बंद करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। जगमोहन के कोई संतान नहीं है नवाबगंज थाना व कस्बा के बाइपास रोड पर जगमोहन शर्मा और पास में ही उनके भाई रामरतन शर्मा रहते हैं। जगमोहन के कोई संतान नहीं है। उन्होंने अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी के शमसाबाद के गांव कलार निवासी भाई सुआलाल शर्मा की पुत्री शिल्पी को बचपन में ही गोद लिया था। बुधवार सुबह जगमोहन बेटी शिल्पी के साथ उसकी दवा लेने मैनपुरी गए थे। लक्ष्मी देवी घर में अकेली थीं। कमरे में घुसकर हंसिया से हमला कर दिया इस दौरान रामरतन के बड़े पुत्र संजीव के 17 वर्षीय पुत्र (कक्षा 11 के छात्र) ने दोपहर लगभग 1:30 बजे हंसिया से अपनी चचेरी दादी लक्ष्मी देवी पर कमरे में घुसकर हमला कर दिया। सिर सहित अन्य स्थानों पर वार कर उनकी हत्या कर दी। चीख पुकार सुन पहुंचीं सगी दादी मिथलेश कुमारी पर भी उसने हंसिया से हमला कर दिया। सीने व हाथ में हंसिया लगने से वह भी लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। मानवी का गला भी दबाया इसके बाद किशोर ने रस्सी से हाथ पैर बांधकर उन्हें वहीं डाल दिया। इस बीच किशोर की 11 वर्षीय बहन मानवी के पहुंचने पर उसने उस पर भी हंसिया से हमला कर दिया। उसकी आंख व होंठ के पास घाव हो गया। बहन को भी रस्सी से बांधकर वहीं डाल दिया। उसने मानवी का गला भी दबाया। तभी बाहर दुकान पर बैठे बाबा रामरतन घर के अंदर पहुंचे, तो वहां की हालत देख वह दंग रह गए। हमलावर को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया उन्होंने पौत्र से हंसिया छीन लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। उन्होंने मानवी व मिथलेश की रस्सी खोली। इसके बाद मानवी ने यूपी 112 को सूचना दी। थाना प्रभारी निरीक्षक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। छानबीन के बाद उन्होंने हमलावर को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया। इस बीच जगमोहन व शिल्पी भी वहां पहुंच गए। 62 Share