सिर से उठा पिता का साया, मां ने की बेचने की कोशिश, सहारा देने के नाम पर गैंगरेप, फिर नहर में फेंका
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़की से गैंगरेप हुआ है। आरोप है कि बाइक सवार दो युवकों ने लड़की को अपने साथ ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की और विरोध करने पर उसे नहर में धक्का दे दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने करीब 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 की सुबह डायल 112 पर सूचना मिली कि एक युवती नहर में डूब रही है। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और लड़की को नहर से बाहर निकाला। इसके बाद उसे मिशन शक्ति केंद्र भेजा गया। मिशन शक्ति केंद्र में लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके साथ पूर्व से परिचित दो युवकों शफीक और भूरा ने गैंगरेप किया है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
बचपन से परिवार से अलग रह रही थी
पीड़िता ने बताया कि जब वह करीब दो साल की थी, तभी उसके पिता की मौत हो गई थी। इसके करीब एक साल बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली और राजस्थान चली गई। लड़की लंबे समय तक अपनी दादी के साथ रह रही थी। पिछले साल दादी की मौत के बाद वह अपने चाचा के साथ रहने लगी। करीब डेढ़ महीने पहले उसकी मां उसे अपने साथ राजस्थान ले गई थी। लड़की ने आरोप लगाया कि राजस्थान में उसकी मां उसे बेचने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद वह वहां से भागकर बुलंदशहर वापस आ गई और अपनी एक रिश्तेदार ताई के यहां रहने लगी।
चारा लेने आने वाले परिवार से थी पहचान
पुलिस के अनुसार, लड़की की रिश्तेदार ताई चारा काटने का काम करती है। शफीक और उसकी पत्नी भी वहां चारा लेने आते थे। इसी वजह से लड़की और शफीक के परिवार के बीच पहले से पहचान थी। आरोप है कि शफीक के आग्रह पर रिश्तेदार परिवार ने लड़की को करीब 10 दिन तक अपने पास रखा। पुलिस के मुताबिक, शफीक ने अपने साथी भूरा के साथ मिलकर लड़की को बाइक से दिल्ली छोड़ने की बात कही और उसे अपने साथ ले गया।
गैंगरेप के बाद नहर में धक्का देने का आरोप
आरोप है कि शफीक और भूरा लड़की को खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में नहर के पास ले गए। वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे नहर में धक्का दे दिया और वहां से भाग गए। नहर में डूब रही लड़की को समय रहते डायल 112 की टीम ने बचा लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। एक आरोपी को पुलिस ने 7 अक्टूबर की शाम गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरे आरोपी को देर रात हुई मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया गया।
पीड़िता का मेडिकल कराया गया
एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि पुलिस ने करीब 12 घंटे के अंदर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पीड़िता का मेडिकल कराया गया है और उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। डायल 112 की टीम के सहचालक और कमांडर को त्वरित कार्रवाई के लिए 2,500-2,500 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में खुर्जा देहात थाना पुलिस की भी अहम भूमिका रही।