नई दिल्ली। रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में 1 नवंबर से दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड बीएस-6 मानकों से पुराने वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे वाहनों पर रोक लगाई जाएगी जो भारत स्टेज VI (बीएस-6) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं। यह रोक 31 जनवरी 2027 तक रहेगी।
इस रोक से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी),कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) से चलने वाले वाहनों को छूट दी गई है। यह कदम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने की योजना का हिस्सा है। बीएस -छह भारत का सबसे सख्त वाहन उत्सर्जन मानक है और इसे 1 अप्रैल 2020 को पूरे देश में लागू किया गया था।
इसके बाद से दिल्ली में पंजीकृत वाहनों में से 69 प्रतिशत वाहन बीएस-6 मानक वाले हैं। दिल्ली के बाहरी इलाकों से आने वाले वाहनों में गुरुग्राम और फरीदाबाद के वाहनों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। इन जगहों से दिल्ली आने वाले वाहनों में 10 में से 3 वाहन बीएस छह कम मानक वाले हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का दूसरा सबसे बड़ा कारण परिवहन है। हालांकि वाहनों से सर्दियों में होने वाले उत्सर्जन में पीएम 2.5 की हिस्सेदारी महज 23 प्रतिशत है। इसका बड़ा हिस्सा सेकेंडरी पीएम से आता है, जो वायुमंडल में गैसीय प्रदूषकों की प्रतिक्रिया से बनता है।
यह प्रक्रिया मुख्य रूप से पेट्रोल, डीजल और भारी वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के कारण होती है। रेखा सरकार ने हवा की बिगड़ती गुणवत्ता और बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 21 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप-1) का पहला चरण लागू कर दिया है।