रिहाई से पहले ही आजम खान पर ED का बड़ा एक्शन, जेल में ही हुई 8 घंटे पूछताछ, फिर दर्ज हुई FIR, जानें क्या है, 494 करोड़ का मामला

रिहाई के तुरंत बाद ED की बड़ी कार्रवाई
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की रिहाई से पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है। ED की शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और ठेकेदारों के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है।
आजम खान रामपूर जेल से जैसे रिहा हुए वैसे ईडी ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें अपने साथ ले गई। कल उन्हें गाजियाबाद में पेश किया जा सकता है। जेल से रिहा होने के बाद गेट पर आज़म खान ने कहा, अब कहने के लिए बचा ही क्या है ? मैं क्या कहूं ? कानून खत्म ही हो गया है। मुसलमान होने की सजा है।
हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। यही हमारा गुनाह है। ईडी द्वारा गिरफ्तार करने पर समर्थको ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। फ़िलहाल आजम खान के साथ की गई कार्रवाई से उनके समर्थक खासे नाराज दिखे।
जेल से रिहा होते ही आजम खान गिरफ्तार, ईडी ने कस्टडी में लिया
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को ईडी ने रामपुर जेल से रिहा होते ही गिरफ्तार कर लिया है।बेटे अब्दुल्ला के साथ आजम जेल बाहर निकले। तभी ईडी ने उन्हें कस्टडी में ले लिया। आज़म खान की रिहाई से पहले रामपुर जेल पहुंची ED की टीम।लखनऊ नंबर की 3 गाड़ियों से जेल पहुंची ईडी।
कोर्ट का अरेस्ट वारंट लेकर पहुंचने की जानकारी। आज़म खान को 2 नवंबर को कोर्ट में होना है पेश। रिहाई से पहले ED की दस्तक से बढ़ी हलचल। जेल से बाहर निकलते ही आज़म खान की ED ने कर लिया गिरफ्तार।

क्या है, 494 करोड़ का मामला ?
यह FIR 13 अक्टूबर की रात को दर्ज हुई थी। इससे पहले ED की 4 सदस्यीय टीम ने रामपुर जिला जेल में बंद आजम खान से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। ED का आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कुल 494.46 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि ट्रस्ट ने 2013-14 से 2024-25 तक के आयकर रिटर्न में सिर्फ 78.32 करोड़ रुपये का ही पूंजीगत खर्च दिखाया। यानि करीब 416.14 करोड़ रुपये का हिसाब ट्रस्ट की घोषित आय-व्यय से मेल नहीं खा रहा है।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
ED की शिकायत में कहा गया है कि सरकारी रसूख का इस्तेमाल करके सरकारी ठेके हासिल किए गए। सरकारी निर्माण कार्यों के लिए मिले फंड को यूनिवर्सिटी में लगाया गया। यूनिवर्सिटी के निजी परिसर में सरकारी फंड से काम कराया गया। ठेकेदारों के जरिए करीब 55.8 करोड़, सरकारी कार्यों के जरिए 23.41 करोड़ और विधायक निधि से 6.60 करोड़ रुपये के काम यूनिवर्सिटी परिसर में कराए गए। कुल राशि करीब 85.81 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस ?
यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 316(5) (आपराधिक विश्वासघात), 318(4) (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज की गई है। ED इस FIR को 2019 में दर्ज अपनी ECIR में जोड़कर PMLA के तहत व्यापक कार्रवाई करेगी।
रिहाई पर क्यों लटका है, सस्पेंस ?
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की दो पैन कार्ड मामले में सजा के खिलाफ याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। लेकिन जानकारों का कहना है कि इस मामले में राहत मिलने के बाद भी ED के नए केस और 25 से ज्यादा पुराने मामलों के कारण उनकी जेल से बाहर आना फिलहाल आसान नहीं होगा। फिलहाल आजम खान को ईडी अपने साथ ले गई।