पुलिस पर फायरिंग कर आप MLA हरमीत फरार, रेप के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
आप विधायक हरमीत पठानमाजरा पुलिस की हिरासत से फरार हो गए हैं. हरमीत पर रेप का आरोप है। पुलिस ने उन्हें करनाल से गिरफ्तार किया था. ये कार्रवाई एक महिला द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें विधायक पर गंभीर आरोप लगाए गए है। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत पठानमाजरा पुलिस की हिरासत से फरार हो गए है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हरमीत पुलिस पर फायरिंग कर फरार हुए।आप विधायक को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जब हरमीत को थाने लेकर जा रही थी उस दौरान वह और उनके साथियों ने फायरिंग की। घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, हरमीत पुलिसकर्मियों के ऊपर गाड़ी चढ़ाकर फरार हुए। हरमीत और उनके साथी एक स्कार्पियो और एक फार्च्यूनर गाड़ी लेकर भागे। पुलिस ने फार्च्यूनर गाड़ी को पकड़ लिया है। विधायक स्कापियो से फरार हुए है।
रेप केस में हुई थी गिरफ्तारी
पंजाब के सन्नौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरमीत पठानमाजरा को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ये कार्रवाई एक महिला द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें विधायक पर गंभीर आरोप लगाए गए है। विधायक पठानमाजरा ने अपनी ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए बयान दिए,उन्होंने बाढ़ प्रभावित अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया और नदी की सफाई के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों की आलोचना की थी। इसके बाद सोमवार को पठानमाजरा ने दावा किया था कि उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई का अंदेशा था।
सरकार के खिलाफ क्या बयान दिया था?
विधायक हरमीत पठानमाजरा ने रविवार को प्रदेश में आई बाढ़ के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के ऊपर हमला बोल दिया था। उन्होंने कहा कि अगर सच बोलने के लिए पार्टी उन्हें निलंबित या निकाल देना चाहती है, तो बिल्कुल ऐसा कर सकती है। लेकिन वह अपने लोगों के साथ खड़े रहेंगे और उनकी बात को सामने रखेंगे। विधायक पठानमाजरा के निर्वाचन क्षेत्र में टांगरी नदी की सीमा से लगा हुआ है। इसी नदी के जरिए उनके क्षेत्र में पानी एक किलोमीटर अंदर तक घुस गया है। बाढ़ का आंकलन करने के लिए नदी का दौरा करने पहुंचे विधायक पठानमाजरा ने मीडिया के सामने राज्य सरकार और अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। आप नेता ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान और जल संसाधन विभाग के प्रमुख कृष्ण कुमार की आलोचना की और उनके ऊपर सन्नौर निर्वाचन क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।