बात करने व थप्पड़ मारने पर पिता ने की बेटी की हंसिया से हत्या, दादी ने किया खुलासा
गोरखपुर । पिपराइच थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती की हत्या उसके पिता ने की थी। पूछताछ के बाद रविवार को पुलिस ने आरोपित पिता कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है। फोन पर लड़के से बातचीत को लेकर उसने बेटी से पूछताछ की थी, इस पर दोनों में विवाद शुरू हुआ और बेटी ने पिता को थप्पड़ मार दिया।
इससे नाराज होकर पिता ने पास में रखे हसिया से बेटी के गले पर हमला कर दिया। उपचार के दौरान बीआडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद मां ने पुलिस को झूठी सूचना दी थी। बताया था कि हसिया पर गिरने से उसकी बेटी घायल हो गई थी। पुलिस ने घटना में प्रयोग किए गए हसिया को बरामद कर लिया है।
पिपराइच क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती शुक्रवार को गंभीर हाल में घायल हो गई थी, उसके गले पर गंभीर चोट के निशान थे। स्वजन उसे सीएचसी ले गए, जहां से मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। दोपहर एक बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने चिकित्सकों से बातचीत के बाद स्वजन से पूछताछ की।
दादी ने किया खुलासा
युवती के गांव स्थित घर जाने पर वहां युवती की दादी मिली। पूछताछ में 65 वर्षीय बुजुर्ग दादी ने बताया कि उनकी पोती की हत्या उसके पिता ने कर दी है। इसके बाद घर से कहीं चला गया है। पुलिस की जांच में भी पिता घर से लेकर अस्पताल तक नहीं मिला।
पुलिस आशंका में आगे की जांच शुरू की ही थी कि युवती की मां की झूठी सूचना ने पुलिस की जांच को रोक दिया, उसने लड़खड़ा कर हसिया पर गिरने से घायल होने की बात पुलिस से कही थी। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराया।
फिर युवती की मां और पिता को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, जिसके बाद पिता ने हसिया से हमले की बात स्वीकार की। पिता ने पुलिस को बताया वह बाहर रहता है। एक महीने पहले ही घर आया था।
इस दौरान वह दूसरे नंबर की बेटी को लगातार फोन पर किसी लड़के से बातचीत करते हुए देखता, उसने कई बार उसे टोका भी। बावजूद वह नहीं मानी। शुक्रवार की सुबह 11 बजे भी वह फोन पर बात कर रही थी। जब उसने पूछा कि किससे बात कर रही तो नाराज हो गई। अपशब्द कहते हुए एक थप्पड़ मार दिया। इसके बाद उसने हसिया से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि युवती की हत्या उसके पिता ने की थी। पुलिस ने घर से उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने स्वीकार भी कर लिया है।
मिट्टी का लेपन कर मिटाए गए थे खून के निशान
घर के अंदर जाने पर पुलिस को एक कमरे के फर्श पर मिट्टी का लेपन मिला था। तभी पुलिस को हत्या की आशंका हुई थी कि फर्श पर गिरे खून के निशान को मिटाने के लिए लेपन किया गया होगा। लेकिन, मां की झूठी सूचना पर पुलिस को शव के अंतिम संस्कार तक जांच को रोकनी पड़ी।