क्रूरता की सारी हदें पार की पिता ने; बेटे को कुल्हाड़ी से काट डाला, बोला-बाप बनने की कर रहा था कोशिश, इसलिए मार दिया
प्रयागराज। तीर्थराज प्रयागराज में एक पिता ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। 55 साल के पिता ने अपने 25 साल के जवान बेटे को कुल्हाड़ी से काटकर मौत की नींद सुला दिया। इतना ही नहीं, हत्या करने के बाद घर के आंगन में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर, सीना चौड़ा करते हुए टहलता रहा। ठहाके लगाते हुए बोलता रहा कि मैं इसका बाप था लेकिन, ये मेरा बाप बनने की कोशिश कर रहा था, इसलिए काम तमाम कर दिया।मामला प्रयागराज शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर सोरांव थानाक्षेत्र के अहिबीपुर दाउदपुर नेवादा का है। यहां 55 वर्षीय लालजी यादव उर्फ बहराइच खेती-किसानी करता है।
रविवार की देर रात उसका अपने 25 वर्षीय बेटे विनोद कुमार यादव से जमीन बेचने को लेकर विवाद हुआ।उस समय पत्नी फूला देवी और बेटी अंचन ने समझा-बुझाकर किसी तरह से मामला शांत करा दिया।सोमवार की भोर में विनोद घर के बाहर नीम के पेड़ के नीचे सो रहा था। लालजी ने पत्नी फूला देवी व बेटी अंचन को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद विनोद पर कुल्हाड़ी से कई वार किए।इससे बेटे विनोद की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर घर के अंदर गया और पत्नी-बेटी को धमकाया। कहा कि मुंह खोला तो तुम लोगों को भी मौत के घाट उतार देंगे। चीखपुकार मची तो ग्रामीण भी पहुंच गए। जब लालजी ने लोगों को देखा तो उसने हंसकर कहा कि आओ देखो मार दिया… मैं इसका बाप हूं…ये मेरा बाप बनने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद कुल्हाड़ी लेकर टहलता रहा। इस बीच लोगों ने पुलिस को खबर कर दी।
जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन और सीने की हड्डियां टूटी आई हैं। पसलियां भी टूटी मिली हैं। डीसीपी गंगानगर, कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि विनोद के परिजनों से पूछताछ में पता चला कि पांच माह पहले लालजी ने गांव किनारे स्थित दो बिस्वा जमीन औने-पौने दाम में बेच दी थी। एक महीने पहले लालजी नं 1.5 बिस्वा जमीन पांच लाख में बिना विनोद को बताए बेच दी। एडवांस 1.5 लाख रुपये भी लिए। इसका विनोद विरोध करता था । कि वह जमीनों को सस्ते दामों में क्यों निकाल रहे हो। परिजनों ने बताया कि लालजी जमीन बेचकर पैसे नशे में उड़ा देता था। परिवार पर खर्च नहीं करता था।
इसी बात को लेकर आए दिन लालजी का बेटे विनोद से विवाद होता था। विरोध के बीच विनोद ने तहसील में दाखिल खारिज रुकवाने के लिए आपत्ति लगाई थी। इसे लेकर बाप-बेटे में अक्सर विवाद होता था। विनोद तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और मुंबई में काम करता था। कुछ दिन पहले ही वह गांव आया था। दोबारा मुंबई लौटने की तैयारी कर रहा था। प्रभारी निरीक्षक केशव वर्मा ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर सोरांव थाने में मुकदमा लिखकर लालजी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। हत्यारोपी पिता लालजी के कब्जे से हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
लालजी की पत्नी फूलादेवी रो–रोकर बेसुध हो जा रही है। पुलिस को दिए बयान में उन्होंने कहा कि मुझे क्या पता था कि अपने ही बेटे के प्रति उसके मन में इतनी नफरत भरी है कि वाे उसके कुल्हाड़ी से टुकड़े-टुकड़े कर डालेगा। अरे कोई अपने ही आंगन और गोद में खेले बच्चे के टुकड़े करता है क्या? तुझे भगवान कभी नहीं माफ करेगा। तुझे नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी। फूला देवी ने पुलिस को बताया कि उसने बेटे को मारने के बाद मेरे सामने कुल्हाड़ी लाकर पटक दी। कुल्हाड़ी खून से सनी थी। मुझसे कहा कि लो तुम्हारे बेटे का काम तमाम कर दिया। बेटी कंचन ने पुलिस को बताया कि पापा रोज शराब पीकर घर आते थे। जमीन सस्ते में बेचकर पैसा नशे में उड़ा रहे थे। इसी बात का भाई विनोद विरोध करते थे। हम सब विरोध करते थे तो हमारे साथ मारपीट करते थे। विनोद ने शादी नहीं की थी।