बेसिक शिक्षा विभाग का नया कारनामा, मौत के एक साल बाद सहायक अध्यापक बर्खास्त

यूपी में बेसिक शिक्षा विभाग का एक नया कारनामा सामने आया है। फर्रुखाबाद में तैनात प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक को मौत के एक साल बाद बर्खास्त कर दिया गया। मामला सामने आने पर हैरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण है।

विभाग को पता ही नहीं है कि शिक्षक की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने शिक्षा निदेशक को एक के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा में तैनात रहे शिक्षक को मौत के एक साल बाद बर्खास्त करने पर हैरानी जताई है।

कोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक से व्यक्तिगत हलफनामा तलब कर पूछा है कि किस नियम के तहत मृतक कर्मचारी के खिलाफ सेवा समाप्ति का आदेश पारित किया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने फर्रुखाबाद में तैनात रहे मृतक शिक्षक मुकुल सक्सेना की पत्नी प्रीति सक्सेना की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोविड से मौत के एक साल बाद शिक्षक के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई न सिर्फ गैर कानूनी है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण भी है।

क्या है मामला

मुकुल की नियुक्ति सहायक अध्यापक के पद पर 1996 में मृतक आश्रित कोटे में हुई थी। मई 2021 में कोविड-19 से उनकी मृत्यु हो गई। पत्नी को पारिवारिक पेंशन मिल रही थी पर नवंबर 2022 के बाद अचानक पेंशन रोक दी गई। जानकारी करने पर फर्रुखाबाद के बीएसए की ओर से भेजे गए पत्र में बेसिक शिक्षा निदेशक के 18 जुलाई 2022 के आदेश का हवाला दिया गया। उसमें मृत कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने के लिए कहा गया था। इसी आधार पर दिसंबर 2022 में ट्रेजरी विभाग ने पेंशन रोक दी। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सरकार बोली…फर्जी दस्तावेज से मिली थी नौकरी

सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि मृतक ने कथित रूप से जाली दस्तावेज देकर नौकरी पाई थी और उसकी नियुक्ति शुरू से ही अमान्य मानी गई। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि रिकॉर्ड पर कहीं भी ऐसा नहीं है कि किसी सक्षम अधिकारी ने नियुक्ति को अमान्य घोषित किया हो।

कोर्ट की टिप्पणी

मरे व्यक्ति के खिलाफ जांच या सेवा समाप्ति की कार्यवाही न तो संभव है और न ही कानून में इसका कोई आधार है। यह समझ से परे है कि अधिकारी ने 2022 में आदेश कैसे जारी कर दिया, जबकि कर्मचारी 2021 में ही नहीं रहा।

अदालत की चेतावनी

अदालत ने निदेशक बेसिक को एक हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर उन्हें अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

औरंगाबाद में मॉब लिंचिंग का मामला; कार सवार तीन लोगों की हत्या को लेकर 6 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, वीडियो फुटेज से हुई पहचान     |     ट्रेन हादसा होते होते टला, प्लेटफॉर्म के पास मालगाड़ी के पहिए पटरी से उतरे, रेलवे टीम राहत-बचाव में जुटी     |     पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बावरिया गिरोह के 8 सदस्य को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 6 हुए फरार     |     हत्यारा बना रूम पार्टनर; मामूली सी बात पर युवक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या     |     हरणी झील में बड़ा हादसा; नाव पलटने से दो शिक्षकों और 13 छात्रों समेत 15 की हुई मौत      |     सरप्राइज देने के लिए पहाड़ी पर गर्लफ्रेंड को बुलाया, फिर चाकू से गला काटकर कर दी हत्या     |     बीमार ससुर से परेशान बहू ने उठाया खौफनाक कदम गला दबाकर की हत्या, आरोपी महिला को पुलिस ने किया गिरफ्तार     |     हत्यारों ने हैवानियत की हदें की पार,मां-बेटी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या,शव के साथ हुई बर्बरता,शव देखकर कांप गए देखने वाले     |     अजब गजब:जीवित रहते हुए की अपनी तेरहवीं,तेरहवीं में शामिल हुआ पूरा गांव, 2 दिन बाद हुई मौत,हर कोई रह गया दंग     |     सिविल मामले में राजस्व विभाग और पुलिस महकमा की दबंगई को हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पहले जैसी स्थिति बहाल करने का दिया आदेश     |     कांग्रेस हाईकमान का मास्टरस्ट्रोक भी हुआ धड़ाम, बिना सूचना यूपी के प्रदेशध्यक्ष पद से अजय राय को हटाना कालिदास बनने जैसा है     |     मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने करीब 46 याचिकाओं पर की, सुनवाई     |     अभिजीत दीपके को जिस बात का था डर, वही हो गया, CJP को अपनों ने ही दे दिया इतना बड़ा धोखा, अब डर से गिड़गिड़ाते हुए आ रहे है, नज़र      |     आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान से देश में शुरू हुई नई बहस, “बांग्लादेश ने हमें रास्ता दिखाया”— नेहा बोरा     |     विदेशी फंडिंग के बल पर देश में अस्थिरता पैदा करने वालों को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने सिखाया सबक, बतलाई उनकी असल औकात     |     सनातन विरोधी दलबदलू व बहुरुपिया स्वामी प्रसाद मौर्य की राजनीतिक चार धाम यात्रा       |     राहुल-अखिलेश समेत 11INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की याचिका, कमी की वजह से नहीं हो सकी सुनवाई     |     जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन बैन, सरकार ने तय कीं तीन नई जगहें     |     बलरामपुर को 803 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री ने 78 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, बोले- विकास में नहीं आने देंगे कमी – योगी आदित्यनाथ     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9721975000