लालच में कलयुगी बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर मां की गला दबाकर की हत्या, फिर आत्महत्या दिखाने के लिए फंदे से लटकाया
जमीन और रुपये के लालच में बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर मां की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया और माैके से फरार हो गया। घटना सदर कोतवाली के नारा चौकी अंतर्गत खेरवा गांव में बृहस्पतिवार को हुई। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि चित्रकूट जनपद के राजापुर थाना क्षेत्र की कधवनिया निवासी शीला देवी (55 वर्ष ) करीब एक साल से अपने मायके फतेहपुर जनपद के धाता निवासी दलवीर सिंह के घर में रहती थी। बेटा किशन किशोर उर्फ बीरू और बहू उन्हें बात-बात में प्रताड़ित करते थे। इस कारण वह घर और खेत मायके पक्ष को देना चाहती थी।
उसने खाते में नाॅमिनी भी भाई को बना रखा था। चार दिन पहले शीला देवी अपने ननिहाल खेरवा गांव में भैरव प्रसाद के घर आई थी। इस दाैरान बृहस्पतिवार को मामा भैरव किसी काम से मंझनपुर चले गए, जबकि ममेरा भाई जय सिंह पत्नी के साथ करवा चौथ का सामान खरीदने बाजार चला गया। आरोप है कि इसी बीच शीला देवी का बेटा किशन किशोर अपने दोस्त पश्चिमशरीरा के शिवरतन का पूरा निवासी विनोद लोधी के साथ खेरवा पहुंच गया। उसने मां शीला से करीब 32 बीघे जमीन और खाते में जमा तीन लाख रुपये की राशि देने की मांग की। इस पर मां ने इन्कार कर दिया। इससे नाराज आरोपी बेटे ने गला दबाकर मां की हत्या कर दी। फिर दोस्त के साथ मिलकर शव को फंदे से लटका दिया ताकि उसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। जय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ।
सर्विलांस और सीसीटीवी से मिली मदद
सबूत मिटाने के लिए बेटे ने खून लगा कपड़ा जला दिया
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसका मां से रुपये और जमीन को लेकर अक्सर विवाद होता था। इसी बात से नाराज होकर उसने मां की हत्या कर दी। इसके बाद शव को फंदे से लटका दिया, जिससे मामला आत्महत्या लगे। हत्या के दाैरान मां के मुंह से निकला खून आरोपी बेटे के कपड़े में लग गया था। इसके बाद उसने अपने ससुराल पश्चिमशरीरा के सरपतही गांव में कपड़े को आग के हवाले कर दिया।