प्रतापगढ़ की संसद माननीय एसपी पटेल प्रतापगढ़ को कुछ दे तो नहीं पाए, परंतु जनता को बना दिये, मूर्ख व जल्लाद
प्रतापगढ़। बेल्हा की जनता भी वैसी ही है। वो सोची थी कि संगम लाल गुप्ता उसके घर सुबह शाम दरबार नहीं लगाते। उसके हाथ-पाँव नहीं दबाते। इस बार समाजवादी पार्टी के बहुरूपिया को अपना भाग्य विधाता चुन लें। हो सके तो वो ये सब करे। पाँच विधानसभा मिलाकर प्रतापगढ़ लोकसभा सीट का गठन हुआ है।
244- रामपुरखास विधानसभा, 247- विश्वनाथगंज विधानसभा, 248- प्रतापगढ़ विधानसभा, 249-पट्टी विधानसभा और 250-रानीगंज विधानसभा को मिलाकर 39 संसदीय क्षेत्र का गठन हुआ है। पहले पट्टी और बीरापुर विधानसभा प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हुआ करती थी। अब मछलीशहर का हिस्सा है।
खुलासा इंडिया का दावा है कि सांसद डॉ एसपी पटेल को सांसद निर्वाचित हुए दो वर्ष हो गए, परन्तु अभी तक उन्होनें अपने संसदीय क्षेत्र की सभी बाजारों के भ्रमण न कर पाएं होंगे। निमंत्रण वहीं जाते हैं, जहाँ उनका अपना कोर वोटबैंक है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के घर पर भी निमंत्रण नहीं करते। ऐसा खुलासा इंडिया नहीं बल्कि सपा के कार्यकर्ताओं का दावा है।
मीडिया ने दुखती रग पर हाथ क्या रख दिया, सांसद डॉ एसपी सिंह पटेल विफर गए। प्रतापगढ़ की जनता को मूर्ख और जल्लाद तक कह डाले। समाजवादी सांसद डॉ एसपी सिंह पटेल ने बेल्हा की जनता को बेहतरीन तोहफा दिया। इसी लायक प्रतापगढ़ की जनता है। जबकि चुनाव से पहले प्रतापगढ़ की जनता को ये पता हो गया था कि डॉ एसपी सिंह पटेल और उनकी पत्नी जब एमएलसी थी तो उन्होंने अपनी निधि तक बेंच खाई थी।
यही नहीं डॉ एसपी सिंह पटेल अपने साथी के स्कूल को हड़पने के लिए उनकी हत्या के आरोपी बने और जेल की यात्रा तक करनी पड़ी। हालांकि साक्ष्य में गवाहों के होस्टाइल हो जाने से डॉ एसपी सिंह पटेल हत्या जैसे आरोप से बरी हो सके थे। इतना काला इतिहास जानने के बाद भी प्रतापगढ़ की जनता उन्हें अपना भाग्य विधाता चुना तो अब वही भाग्य विधाता उन्हें मूर्ख व जल्लाद कह रहा है तो बुरा नहीं कह रहा है। अब प्रतापगढ़ की जनता अपनी दशा और लिए गए निर्णय पर भले ही प्रायश्चित करे, पर जो गलती उसने की उसका खामियाजा भी वही भुगतेगा।