आरोपी को सरेंडर करने को कहती पुलिस पंजाब गार्ड ने AK-47 से अपनी ही पत्नी-सास को उतारा मौत के घाट, पुलिस से घिरने पर आरोपी गार्ड ने की खुदकुशी By Khulasa India News Desk Last updated Nov 19, 2025 119 पूर्व सैनिक गुरप्रीत सिंह केंद्रीय जेल गुरदासपुर में बताैर गार्ड काम करता था। 2016 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन उसका अपनी पत्नी के साथ हमेशा झगड़ा रहता था। इसी घरेलू कलह में उसने अपनी पत्नी और सास को मारकर आत्महत्या कर ली। केंद्रीय जेल गुरदासपुर में निजी गार्ड के तौर पर तैनात एक पूर्व सैनिक ने अपनी सरकारी एके-47 राइफल से अपनी पत्नी और सास को गोली से उड़ा दिया। इसके बाद पुलिस से घिर जाने पर उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पूर्व सैनिक था आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो एक पूर्व सैनिक था और वर्तमान में निजी कंपनी पैसको के तहत केंद्रीय जेल गुरदासपुर में गार्ड की ड्यूटी कर रहा था। गुरप्रीत को ड्यूटी के लिए सरकारी एके-47 राइफल जारी की गई थी। रात तीन बजे राइफल लेकर पहुंचा था घर यह वारदात दोरांगला पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में स्थित गांव गुत्थी में हुई। पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत घरेलू कलह से हुई। रात करीब 3 बजे, गुरप्रीत सिंह अपनी राइफल लेकर घर पहुंचा और उसने अपनी पत्नी अकविंद्र कौर और सास गुरजीत कौर पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। साली बोली- साइको किस्म का था अकविंद्र कौर की बहन परमिंदर कौर ने बताया कि उनकी बहन की शादी गुरप्रीत सिंह से 2016 में हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा रहता था। परमिंदर कौर ने गुरप्रीत को साइको किस्म का व्यक्ति बताया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू तनाव चल रहा था और उनका कोर्ट में भी कोई विवाद लंबित था, जिसे इस जघन्य वारदात की मुख्य वजह माना जा रहा है। सरकारी क्वार्टर में छिपा दोहरे कत्ल को अंजाम देने के बाद गुरप्रीत घटनास्थल से फरार हो गया और गुरदासपुर की 7 नंबर स्कीम के रिहायशी सरकारी क्वार्टरों में जाकर छिप गया। पुलिस को सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई। एसएसपी आदित्य के नेतृत्व में मल्टीपल टीमें, जिनमें एसएसजी (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप) और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) भी शामिल थीं, मौके पर पहुंचीं। टीमों ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। एसएसपी, एसपीडी (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, डिटेक्टिव) और एसएचओ सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरप्रीत को आवाज देकर सरेंडर करने के लिए कहा और उसे एक घंटे तक लगातार समझाने-बुझाने की कोशिश की। गुरप्रीत सिंह ने पुलिस की अपील को ठुकरा दिया और अपनी एके-47 राइफल से खुद को गोली मार ली। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अपराध 119 Share