दलित महिला से मारपीट करने वाला शख्स लीलापुर थाना का हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह है

रास्ता विवाद और पेड़ की डाल काटना ही विवाद की असल वजह
प्रतापगढ़। लीलापुर थाना क्षेत्र के कमौरा पूरे पाण्डेय में कल हुई मारपीट का अभी तक आधा दर्जन से अधिक वीडियों क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पहली वीडियो क्लिप जो एक्स पर पोस्ट की गई, वह एडिट करके ट्वीट की गई वह एक पक्ष को बचाने के उद्देश्य से की गई, क्योंकि कुछ ही देर बाद उस वीडियो की पूरी क्लिप खुलासा इंडिया को मिल गई। उस क्लिप को पोस्ट करते ही घटना क्रम की सारी सच्चाई स्वतः सामने आ गई।
दलित महिला के साथ मारपीट करने वाला शख्स विक्रम सिंह पुत्र वीरेंद्र प्रताप सिंह है, जिसकी लीलापुर थाने में हिस्ट्रीशीट खुली है, जिसका नम्बर 12 ए है। विक्रम सिंह पर कुल 19 मुकदमें दर्ज हैं। इस घटना में भी विक्रम पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। इस तरह कुल 20 मुकदमा दर्ज हो चुके हैं। फिर भी सोशल मीडिया पर विक्रम सिंह अपने आदमियों से स्वयं को मसीहा घोषित कराने में लगे हैं।
एक दलित महिला को जिस तरह से एक हिस्ट्रीशीटर दौड़ा दौड़कर डंडे से मार रहा है, वह योगी सरकार में मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण के मुंह पर तमाचा है। विक्रम सिंह बहुत ही चालाक किस्म का ब्यक्ति है, पहले वह दलित महिला से जानबुझकर एक थप्पड़ मार खाता है और उसे सोशल मीडिया में प्रचारित व प्रसारित करवाता है, ताकि उसके प्रति लोगों में सहानुभूति का माहौल बन सके।
काफी हद तक विक्रम सिंह अपने मकशद में सफल रहा, परन्तु मौके पर मारपीट के दौरान अन्य लोग भी मारपीट का वीडियो बना लिए, जो अब जाकर सोशल मीडिया पर एक-एक करके वायरल किया जा रहा है। कमौरा पूरे पाण्डेय में कल हुई मारपीट की असल वजह जबरन रास्ता बनाने और पेड़ की डाल काटना है। पर मारपीट के बाद उसे जिस तरह समाज में प्रचारित व प्रसारित किया जा रहा है, उससे तो यही लगता है कि मारपीट की घटना सुनियोजित थी।
सम्पूर्ण मामले में सबसे अहम बात यह है कि लीलापुर थाना क्षेत्र के तेजगढ़ कमौरा के चौकी इंचार्ज महोदय स्वयं मारपीट की घटना का मुकदमा घटना घटित होने के बाद लिखवा देते हैं, जबकि मारपीट में घायल महिला को एम्बुलेंस जिला अस्पताल प्रतापगढ़ लाती हैं, जहाँ उसे भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। लीलापुर पुलिस द्वारा दलित महिला से तहरीर न लेना पुलिस की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।