प्रभारी निरीक्षक दिलीपपुर द्वारा रिश्वत लेकर फेंक मुकदमा दर्ज करने के संबंध में आरोपी शेषमणि पाण्डेय ने आईजीआरएस पोर्टल पर की है, शिकायत
प्रतापगढ़। मुख्यमंत्री की सबसे अहम् पोर्टल जनसुनवाई के अंतर्गत अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग (गोपन), उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ से फेंक मुकदमें में बनाये गए आरोपी ने ऑनलाइन शिकायत करके प्रभारी निरीक्षक दिलीपपुर को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ित शेषमणि पाण्डेय पुत्र स्व हरि शंकर पाण्डेय निवासी- गनईडीह, थाना- दिलीपपुर, तहसील-रानीगंज, जनपद- प्रतापगढ़ का मूल निवासी है।
पीड़ित का कथन है कि वह जनपद प्रतापगढ़ मुख्यालय पर चन्दन स्टेबलाइजर की रिपेयरिंग की दुकान संचालित करता है। पीड़ित और उसके परिवार का गुजर बसर उक्त दुकान के संचालन से होता है। पीड़ित ने बताया कि उसके पट्टीदार जय शंकर पाण्डेय, पूर्व सब इंस्पेक्टर पुत्र स्व शारदा प्रसाद पाण्डेय द्वारा मनगठंत झूठी घटना दर्शाते हुए पीड़ित और उसके भाई प्रभातमणि पाण्डेय उर्फ़ फूल चन्द्र पाण्डेय के खिलाफ थाना- दिलीपपुर में तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराये हैं। प्रार्थी और उसके भाई के ऊपर जो आरोप लगे हैं, वह बेबुनियाद और असत्य हैं।

आरोपी के भाई प्रभात मणि पाण्डेय उर्फ़ फूल चन्द्र पाण्डेय केरल के कोचीन में मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। जबकि पीड़ित को थाना दिलीपपुर के प्रभारी इंस्पेक्टर ने थाना से पुलिस भेजकर थाना बुलाये थे। पीड़ित को थाना प्रभारी दिलीपपुर बिना किसी अपराध के लॉकप में रखे रहे और शाम लगभग 4 बजे शांति भंग में उसका चालान कर दिए, जबकि पीड़ित का पट्टीदार जय शंकर पाण्डेय पूर्व सब इंस्पेक्टर थाना में पहले से उपस्थित था। प्रभारी इंस्पेक्टर ने पीड़ित को समाज में नीचा दिखाने और उसकी सामाजिक छवि को धूमिल करने के उदेश्य से पीड़ित के पट्टीदार जय शंकर पाण्डेय पूर्व सब इंस्पेक्टर से मोटी रकम लेकर बिना किसी अपराध के ही उसका शांति भंग में चालान कर दिया।
शिकायतकर्ता के पट्टीदार जय शंकर पाण्डेय पूर्व सब इंस्पेक्टर का इतने से भी मन नहीं भरा तो वह प्रभारी निरीक्षक दिलीपपुर महोदय को और रिश्वत देकर पीड़ित को अपमानित करने और सामाजिक छवि ख़राब करने के इरादे से मनगठंत झूठी घटना दर्शाते हुए पीड़ित उसके भाई प्रभातमणि पाण्डेय उर्फ़ फूल चन्द्र पाण्डेय के खिलाफ तहरीर लेकर दिनांक- 09/08/2026 को अपराध संख्या- 0181/2026 को पंजीकृत करा लिया जो पूरी तरह से फेंक है। क्योंकि पीड़ित स्वयं थाना दिलीपपुर में उपस्थित था और उसका भाई केरल के कोचीन में मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। फिर भी प्रभारी निरीक्षक महोदय द्वारा मोटी रकम लेकर फेंक मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।