शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक शोषण के आरोपी दरोगा अर्जुन सिंह को वाराणसी से किया गया गिरफ्तार
प्रतापगढ़। मानधाता में तैनात उप निरीक्षक अर्जुन सिंह पर महिला ने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक शारीरिक शोषण करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। युवती ने प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक से मिलकर तहरीर दिया। एसपी प्रतापगढ़ दीपक भूकर के आदेश पर महिला थाना में आरोपी दरोगा अर्जुन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमा दर्माज होते ही मानधाता में तैनात उप निरीक्षक अर्जुन सिंह फरार हो गया और अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। पीड़िता ने लगातार पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी की मांग करती रही और आरोपी दरोगा व उसके परिजनों से स्वयं के जान का खतरा का भी आरोप एसपी प्रतापगढ़ से लगाती रही। अंततः पुलिस ने आरोपी दरोगा को मंगलवार को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया।

युवती की शिकायत के अनुसार, उसकी मुलाकात एसआई अर्जुन सिंह से एक मुकदमे की पैरवी के दौरान हुई थी। आरोप है कि दरोगा ने खुद को अविवाहित बताते हुए महिला को शादी का भरोसा दिया। इसके बाद प्रतापगढ़ के अलग-अलग होटलों में बुलाकर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि 17 जून, 2026 को जब उसने शादी करने के लिए उसने दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया।
इस दौरान कथित तौर पर आरोपी दरोगा ने युवती से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में युवती को जानकारी हुई कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। युवती की लिखित शिकायत के आधार पर 27 जून, 2026 को महिला थाना प्रतापगढ़ में बीएनएस की धारा- 69, 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी एसआई अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।

अब पुलिस ने आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित किया गया था। मंगलवार को पुलिस टीम ने अर्जुन सिंह को बनारस से गिरफ्तार कर लिया। अब दरोगा जी जेल की हवा खायेंगे और अपने जीवन में किसी युवती की मदद करने के बहाने उसका शारीरिक शोषण नहीं करेंगे।
शारीरिक शोषण के आरोपी दरोगी की पत्नी और बच्चों की बैटन पर यकीन करें तो पीड़ित युवती अपने एक मुकदमें में वह आरोपी दरोगा के सम्पर्क में आई और वह वाराणसी में आरोपी दरोगा के घर में ही किराये का कमरे लेकर रहने लगी। आरोपी दरोगा के बेटे और बेटी का कहना है कि वह उनको भईया और दीदी कहती थी और उनकी माँ को वह युवती मम्मी कहती थी।
गिरफ्तार हुए दरोगा के परिजनों के अनुसार कथित पीड़ित युवती बहुत शातिर है और वह ऐसे लोगों को फंसाकर उनसे धनादोहन करती है। यह उसका पेशा है। नोयडा में भी वह किसी को ऐसे ही अपने बुने जाल में फंसाया था। देश की सर्वोच्च अदालत और कई हाईकोर्ट ने भी ऐसे मामले में अपने आदेश में कहा कि ऐसी महिलाओं के आरोप पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जो यह आरोप लगाकर किसी पुरुष पर मुकदमा दर्ज कराती हैं कि वह उसके साथ शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और उसे अलग-अलग होटलों में बुलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया।
कोर्ट का भी मानना है कि जब तक दोनों में तालमेल में रहता है तब तक सबकुछ ठीक रहता है और जब किसी बात को लेकर दोनों के बीच अनबन होती है तो महिला अपने महिला होने का फायदा उठाकर पुलिस में शिकायत्र दर्ज कराती है और मुकदमा दर्ज होने के बाद सुलह समझौता में धन लेकर बाद में मैनेज हो जाती हैं। यह भी एक तरह का धंधा हो चुका है। फिलहाल इस धंधे में शामिल युवतियों से सामाजिक तानाबाना बिगड़ रहा है। इससे वह परिवार सफर करता है जो पुरुष ऐसे आरोप में जेल जाता है। उसका हर तरह से नुकसान होता है। सामाजिक और आर्थिक नुकसान के साथ उसके बीबी और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।