इंजीनियर की ब्लैकमेलर शादीशुदा गर्लफ्रेंड कस्टडी में मुस्कुराती रही: चेहरे पर पछतावा नहीं, कैशियर पति हंसते हुए गया जेल
गोंडा में इंजीनियर अभिषेक श्रीवास्तव ने जिस शादीशुदा गर्लफ्रेंड और उसके बैंक कैशियर पति के चलते जान दी, उन्हें 14 दिनों की जेल हुई है। गोंडा कोर्ट से जेल जाते समय कैशियर अजीत हंसता हुआ दिखा। ब्लैकमेलर गर्लफ्रेंड सोनल के चेहरे पर भी कोई शिकन नहीं दिखी, न ही उसे कोई पछतावा था। इससे पहले नगर कोतवाली में पति-पत्नी से पूछताछ की गई। दोनों बार-बार हंसते रहे। पुलिसकर्मियों ने दोनों को डांट लगाई, लेकिन उनका रवैया नहीं बदला। इस दौरान दोनों ने कहा, “इसमें हमारी क्या गलती है, कोई मर गया तो उससे हमें क्या मतलब?” पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इंजीनियर ने गुरुवार शाम कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, महिला ने इंजीनियर को प्यार में फंसाया और 6 महीने में 7 लाख रुपए ऐंठे। धीरे-धीरे अभिषेक को नाटक समझ आया तो उसने दूरी बना ली। प्रेमिका उस पर बातचीत का दबाव बनाने लगी। वह नहीं माना तो उसने झूठा केस दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि इंजीनियर ने उसके अश्लील फोटो खींच लिए और ब्लैकमेल कर रहा है। पुलिस ने इंजीनियर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इंजीनियर ने सुसाइड नोट में जो लिखा, पढ़िए-
“28 सितंबर को सोनल और उसके पति अजीत ने मुझ पर ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया। नगर कोतवाली पुलिस ने 30 सितंबर को मुझे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। मैं 12 अक्टूबर को जेल से छूटकर आया।
मेरे जेल से लौटने के बाद अजीत और सोनल मुझ पर समझौते का दबाव बनाने लगे। दोनों पैसे मांग रहे थे। कह रहे थे कि अगर पैसे नहीं दिए तो पहले की तरह फर्जी मुकदमे में फंसाकर दोबारा से जेल भिजवा देंगे। इससे परेशान होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं।”
इंजीनियर अभिषेक के जानलेवा इश्क की पूरी कहानी 5 पॉइंट में पढ़िए…
1. वर्क फ्रॉम होम के दौरान शादीशुदा महिला से इश्क
पुलिस के मुताबिक, गायत्री पुरम में 5 हजार स्कवायर फीट से ज्यादा में अभिषेक श्रीवास्तव (25) का घर बना है। उसके पिता अशोक श्रीवास्तव गोंडा में सीनियर वकील थे। उनकी 7 साल पहले मौत हो चुकी है। मां का भी निधन हो चुका है। पैतृक गांव मधई में 25 बीघा जमीन है।
निधन के बाद जमीन अभिषेक के नाम पर आ गई। गोंडा कचहरी के वकीलों और बार काउंसिल की तरफ से हुए बीमा की रकम को मिलाकर 10 लाख रुपए अभिषेक को मिले थे। पिता का 25 लाख फिक्स डिपाजिट मिला था। मां के बीमे के 10 लाख रुपए भी उसे मिले थे।
अभिषेक जेएसडब्ल्यू पेंट कंपनी में इंजीनियर था। उसे 45 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। अभी वर्क फ्रॉम होम कर रहा था। घर में वह बहन आस्था के साथ रहता था। अभिषेक के घर के ठीक सामने 32 साल की सोनल सिंह का मकान है।
उसका पति अजीत बलरामपुर की तुलसीपुर शाखा में ग्रामीण बैंक में कैशियर है। जब सोनल का पति बैंक चला जाता था तो वो अक्सर बालकनी में आकर अभिषेक से बात किया करती थी। जनवरी 2025 में ये बातचीत धीरे धीरे प्यार में बदल गई।