प्रतापगढ़ के एडीएम आदित्य कुमार प्रजापति का हुआ तवादला, मेरठ के एडीएम नगर पर हुई पोस्टिंग
प्रतापगढ़। जिले में नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है। शासन की मंशा गई तेल लेने और जनता का हित गया ठेंगे पे। आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी ये साफ सफाई की जा रही है। परंतु शासन में बैठे निकम्मे और गैर जिम्मेदार किस्म के अफसर मुख्यमंत्री योगी जी की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। शासन में बैठे जिम्मेदार नौकरशाही भले ही दावा करती हो कि सबकुछ चाक चौबंद है। परन्तु हकीकत में कुछ और ही देखने को मिलता है।
जिले में सबसे खराब दशा राजस्व विभाग के अफसर के हैं। वो तो काम ही नहीं करना चाहते हैं। सिर्फ दिन काट रहे हैं और जहाँ मलाई मिलती है, उसे चाट लेने में नहीं चूकते। ऐसे ही प्रतापगढ़ के एडीएम आदित्य कुमार प्रजापति रहे जो किसी काम के नहीं थे। कोई काम समय से न करना उनकी आदत में शुमार रहा। जनता की समस्याओं से उनका कोई वास्ता व सरोकार ही नहीं था।
एडीएम रहे आदित्य कुमार प्रजापति के क्रिया कलाप से ऐसा लगता था कि उन्हें जबरन कोई प्रतापगढ़ के एडीएम पद पर आसीन कर रखा है। प्रतापगढ़ के हित में एडीएम रहे आदित्य कुमार प्रजापति का तवादला होना जिले और जिले के लिए बहुत ही सुंदर कार्य हुआ। जनता के प्रति जबाब देह एडीएम आदित्य कुमार प्रजापति की कहानी बड़ी विचित्र है। वह जनता में विभेद कर सिर्फ पिछड़ी जाति का आँख मूंदकर खुला समर्थन करते हैं। सामान्य जाति के अधीनस्थों का शोषण करना एडीएम आदित्य कुमार प्रजापति का स्वभाव बन चुका था।
निकाय के प्राधिकारी होने की वजह से PWD के अवर अभियंता अनिल कुमार जायसवाल को 10 नगर पंचायतो का प्रभार देना ये सिद्ध करता है कि उस काली कमाई में से एडीएम आदित्य कुमार प्रजापति भी लाभान्वित होते रहे। तभी PWD के JE अनिल कुमार जायसवाल को अपने आवास पर अपना दरबारी बना रखे थे। बदले में नगर पंचायतो के कार्यों में लूट खसोट की पूरी छूट भी दे रखे थे। PWD के JE अनिल कुमार जायसवाल को नगरपालिका परिषद बेला प्रतापगढ़ के कार्यो में भी हस्तक्षेप करने की खुली छूट दे रखा था। देखना होगा कि नए एडीएम प्रतापगढ़ प्रेम चंद्र मौर्य का कार्यकाल कैसा रहता है, ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।
आज 23 पीसीएस अफसरों के तबादले किये। उसमें एक तवादला प्रतापगढ़ के एडीएम वित्त/राजस्व का भी किया गया है। प्रतापगढ़ के एडीएम पद पर रहकर सरकार विरोधी कार्य करने के बावजूद एडीएम प्रतापगढ़ आदित्य कुमार प्रजापति को मेरठ का एडीएम नगर बनाया गया है। अब इन्हें मेरठ की जनता झेलेगी। ऐसे अफसरों को प्रतीक्षा सूची में तब तक रखना चाहिये, तब तक इन्हें अपने कर्तब्य बोध का ठीक ढंग से एहसास न जाये। इन्हें तभी कहीं का चार्ज देना चाहिये। चूँकि इनकी मंशा जब तक कुंठित रहेगी वह शासन की मंशा को आगे नहीं बढ़ने देंगे। इसलिए इन्हें तब तक आराम करने के लिए छोड़ देना चाहिए।