महिला नवजात का शव लेकर पहुंची कलेक्ट्रेट झोपड़ी हटाने के दौरान कांस्टेबल पर धक्का देने का आरोप, गिरने से पैदा हुआ मृत बच्चा
शाहजहांपुर में मंगलवार को कांट थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला नवजात बच्चे का शव लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता का कहना है कि सोमवार को अतिक्रमण हटवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का दिया था। वह साढ़े सात महीने की गर्भवती थी। गिरने से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।दरअसल, कांट-जलालाबाद मार्ग पर फोरलेन हटाई गईं।प्रशासन की ओर से मौके पर सात थानों की पुलिस फोर्स तैनात थी। इन्हीं में से एक झोपड़ी में रहने वाली रवीना नाम की महिला का आरोप है कि जब पुलिस घर गिराने आई तो उसने कहा कि वह गर्भवती है। पति भी घर पर नहीं है, इसलिए थोड़ा समय दिया जाए। लेकिन इस दौरान एक महिला कॉन्स्टेबल ने उसे धक्का दे दिया। जिससे वह पेट के बल गिर गई। इसके चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। रवीना मंगलवार को नवजात का शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसपी से न्याय की गुहार लगाई। उसका आरोप है कि जब उसने थाने में शिकायत की। थाना प्रभारी ब्रजेश सिंह ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि झोपड़ियां रोड निर्माण में बाधा बन रही थीं। जिन्हें ग्रामीणों ने खुद ही हटा लिया था। पुलिस पर पेट में लात या धक्का मारने का आरोप पूरी तरह झूठा है।एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि सोमवार को कांट रोड पर अतिक्रमण हटवाया गया था। उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था। वहां पर वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है।