फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर भेजते थे विदेश, फिर चलता था धोखाधड़ी का खेल, अब 5 गिरफ्तार
रामपुर। थाना साइबर क्राइम ने फर्जी सिम कार्डों को एक्टिवेट कर दक्षिण एशियाई देश कम्बोडिया भेजने वाले सिम विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी सिम के जरिए अलग-अलग राज्यों में करोड़ों की ठगी की है। थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए जांच की।
जांच के मध्य भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र नई दिल्ली एवं मुख्यालय साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश के इनपुट के आधार पर 5 फर्जी सिम विक्रेताओं के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में पंजीकृत किया था। विवेचना के क्रम में साक्ष्य संकलन करते हुए साक्ष्य के आधार पर रविवार को थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा फर्जी सिम एक्टिवेट करने तथा दक्षिण एशियाई देश कम्बोडिया को सप्लाई करने वाले 5 आरोपियों को जाली अभिलेखों व उपकरणों सहित गिरफ्तार किया। निरीक्षक अजयवीर सिंह ने बताया कि जब आरोपियों से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया 1000 से अधिक फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल नंबर, धनराशि 12 लाख रुपये लेकर साइबर अपराधियों को दक्षिण एशियाई देश कम्बोडिया भेजना स्वीकार किया। पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से ठीक पहले मामले में खुलासा किया है। मामले को लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
46 लोगों से 2.16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
सिम विक्रेताओं के द्वारा बेचे गये सिम कार्ड, मोबाइल नंबरों से देश के अलग-अलग राज्यों के 46 लोगों के साथ लगभग 2 करोड़ 16 लाख 17 हजार 348 रुपये की धनराशि का साइबर फ्रॉड किया गया है। मागेश्वर, निवासी बैल्लोर, राज्य तमिलनाडु को ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर उनके साथ 1,18,6098 रुपये का फ्रॉड किया गया है। इन्हीं में से 1 मोबाइल नंबर के द्वारा 2 लोगों के साथ जिनमें डेनेली निवासी बैंगलौर, राज्य कर्नाटक के साथ धनराशि 73,75 लाख रुपये तथा सुंद्रेश बी निवासी आसरे परमोदा, बेंगलुरु, राज्य कर्नाटक के साथ 7.73 लाख रुपये का ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर साइबर फ्रॉड किया गया है। गंता सन्तोष निवासी राज्य तेलांगना के साथ 2 लाख रुपये का ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर साइबर फ्रॉड किया गया। अब्दुल शऐब निवासी बंगलौर सिटी कर्नाटक के साथ 2.79 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर फ्रॉड किया गया है। एम पवन कुमार निवासी तिरुपति राज्य आंध्र प्रदेश के साथ धनराशि 1.6 लाख का इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर फ्रॉड किया। अदनान मंसूरी निवासी बापी टाउन वलसाद गुजरात के साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर 2 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया है।
35 मोबाइल नंबर की 46 शिकायत
35 मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अलग-अलग राज्यों के साथ साइबर फ्रॉड की 46 शिकायतें प्रकाश में आई हैं। फर्जी ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर, अलग-अलग फर्जी ट्रेडिंग कंपनियों के महिला मैनेजर की डीपी लगाकर ट्रेडिंग में दोगुना लाभ का लालच देकर फेक वेबसाइट, फिसिंग एप्लिकेशन के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्य के लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी करते हैं। फर्जी ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से बनाए गए ग्रुप में मोबाइल नंबरों की संख्या अधिक होती है। जिससे शिकायतकर्ता द्वारा सभी मोबाइल नंबरों के विरूद्ध शिकायत दर्ज नहीं कर पाते हैं। अभी तक विश्लेषण के दौरान 167 मोबाइल नंबरों का संचालन दक्षिण एशियाई देश कम्बोडिया से होना पाया गया है।
फर्जी सिम निकालने का तरीका
सिम खरीदने वाले ग्राहक का अँगूठा लगवाकर एक सिम बायोमैट्रिक आधारित से एक्टिव कर अपने पास रख लेते है। जिसे साइबर अपराध कारित करने के लिए दक्षिण एशियाई देश कम्बोडिया से उपयोग करने के लिए 1200 प्रति सिम की दर पर बेच देते हैं। दूसरा सिम ग्राहक के आधार कार्ड पर एक्टिव कर ग्राहक को देते जिससे सिम खरीदने वाले को पता ही नहीं चलता था, कि उसके नाम से दो सिम एक्टिव कर लिए है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
साहब खान निवासी नई बस्ती, अजीतपुर, परवेश निवासी ग्राम खेमपुर थाना अजीमनगर, फैजान निवासी बहजोड़ी टोला, थाना गंज, नूर मोहम्मद निवासी ग्राम मिलकहासम, थाना भोट, साबिर निवासी ग्राम हकीमगंज थाना अजीमनगर है। पुलिस को उनके पास से 6 मोबाइल फोन, 12 जाली आधार कार्ड, 2 आधार कार्ड, 3 फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, 1 कलर प्रिंटर बरामद किया।