एसपी प्रतापगढ़ का आदेश बेअसर, थानों के मठाधीश ’37-बटालियन’ वाले पुलिस लाइन आने को राजी नहीं
लाइन हाजिर हुए 37 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल में सिर्फ 9 लोगों की 4 दिन बाद तक हो सकी है, लाइन में आमद- प्रतिसार निरीक्षक
प्रतापगढ़। जनपद में कई साल से थानों पर डटे संदिग्ध भूमिका के कारण एसपी के लाइन हाजिर करने के बावजूद ’37-बटालियन’ के मठाधीश अधिकांश लोग पुलिस लाइन आने से परहेज कर रहे हैं। तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन आने के आदेश के बावजूद चौथे दिन तक चौथाई लोग भी लाइन में आमद नहीं करा सके। ये तो पुलिस अधीक्षक के आदेश की तौहीन है।
कोतवाली और थानों में काफी दिनों से मौजूद कार खास सिपाहियों के कतर दिए, पर
आज भी पुलिस विभाग अनुशासित माना जाता है। इसके बाद भी अधिकारियों के आदेश के बावजूद पब्लिक से व्यवहार, शिकायतों के निस्तारण में अक्सर मनमानी दिखती रही है। जिले में थानेदार, दरोगा से लेकर सिपाहियों तक के ऑनलाइन रुपये के मामले सामने आने के बाद एसपी डॉ. अनिल कुमार ने जिले भर के सिपाहियों की गोपनीय रिपोर्ट जुटाई। रिपोर्ट चौकाने वाली रही।
करीबियों को लाइन हाजिर करने पर भी छुट्टी देना, बाहर रवानगी करना चर्चा का बना विषय
एसपी प्रतापगढ़ डॉ अनिल कुमार का शक सही निकला और जो गोपनीय रिपोर्ट कप्तान साहेब के पास आई वह चौकाने वाली रही। गोपनीय रिपोर्ट आते ही कप्तान साहेब की भृकुटी तन गई और कई वाहन चालक, एसओ के कारखास सहित 37 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही सभी को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन में ज्वाइन करने का फरमान सुनाया।
रिश्वत लेने के मामले में लीलापुर, पूर्व नगर कोतवाल और हथिगवां पुलिस सुर्खियों में आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने कराई, गोपनीय जांच
एसपी के आदेश में तबादला भले ही सामान्य माना गया, लेकिन लोगों के बीच इन लोगों की खासी चर्चा हुई। इन्हें ’37-बटालियन’ का नाम देकर इनके कारनामों की चर्चा होने लगी। तीन दिन तक करीब 30 के पुलिस लाइन ज्वाइन न करने पर कंट्रोलरूम जानकारी करने लगा तो पता चला कि कई अवकाश पर चले गए तो कई दूसरे जिलों में विशेष ड्यूटी के लिए रवाना किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता नहीं की जाएगी, बर्दाश्त
सूत्रों के अनुसार पुलिस लाइन में आमद न करने वालों का रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन चौथे दिन शाम तक यह संख्या 10 से कम रही। लोगों में चर्चा है कि थानों पर मठाधीशी करने वाले ’37-बटालियन’ के ज्यादातर लोग पुलिस लाइन आने में अपनी तौहीन समझ रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से थानेदारों के करीब रहने के कारण उन्हें अवकाश मिल गया। इस बाबत पुलिस लाइन के आरआई महेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक ज्यादातर पुलिस कर्मियों ने आमद नहीं कराई है।
कुंडा, नगर, सदर, लालगंज, रानीगंज व पट्टी सर्किल की कोतवाली व थानों में तैनात पुलिस कर्मियों की करतूतें हुई, उजागर
एसपी ने कुंडा कोतवाली के सिपाही जाहर सिंह, विवेक मिश्रा और चालक सुभाष यादव, मानिकपुर के आरक्षी जयनारायण यादव, घनश्याम प्रसाद, हरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह व कांस्टेबल चालक संतोष राय, नवाबगंज के सिपाही विपिन चौधरी और रवि सिंह मुख्य आरक्षी इंदल यादव, चालक दिनेश सिंह संग्रामगढ़ के आरक्षी अजीत कुमार हथिगवां के चालक अमित सिंह समेत 37 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।