अपमान का बोझ न सह सकी छात्रा, रेलवे ट्रैक पर खत्म की जिंदगी, मां बोली- अब हम किसके सहारे जिएंगे…पढ़ें मामला
काकादेव में नौवीं की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने स्कूल टीचर पर डांटकर अपमानित करने का आरोप लगाया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कानपुर में काकादेव थानाक्षेत्र में गोलचौराहे से श्रम विभाग की ओर सौ मीटर दूर सोमवार की शाम ओंकारेश्वर स्कूल की नवीं की छात्रा ने रेलवे पटरी पर गर्दन रखकर ट्रेन से कटकर जान दे दी।
स्कूली छात्रा का सिर धड़ से अलग देख राहगीरों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्कूल बैग में कॉपी में लिखे पते से परिजनों को जानकारी दी, तो चीखपुकार मच गई।
टीचर ने बुरी तरह से डांट दिया
बैग किनारे रखकर पटरी पर रख दी गर्दन
दो टुकड़ों में शव देखते ही बगल में गिर गई मां
हम तो जी जान लगाकर, बिटिया को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे

छात्रा की फाइल फोटो
घर नहीं आई तो ढूंढने निकलने की थी तैयारी लेकिन आ गई खबर
दोपहर 3.45 पर छुट्टी होने के बाद छात्रा जब रोज की तरह घर नहीं पहुंची तो शाम पांच बजे परिजनों को चिंता सताने लगी। वह लोग उसे ढूंढने की तैयारी करने के लिए निकलने वाले थे, लेकिन तब तक पुलिस ने मौत की खबर दी तो पैरों तले जमीन खिसक गई। चीखते चिल्लाते हुए परिजन मौके पर पहुंचने के लिए साधन से भागे। स्कूल पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। संस्कृति आनंद कक्षा नौ की छात्रा अपनी मां के साथ विद्यालय की छुट्टी के बाद घर के लिए निकल गई थी। इसके बाद घटना कैसे घटित हुई, यह संज्ञान में नहीं हैं। घटना अत्यंत दु:खद है। विद्यालय भी इस घटना से हतप्रभ है और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है। -स्कूल की प्रबंध निदेशक डॉ. पूजा अवस्थी और प्रधानाचार्य राममिलन सिंह