‘कभी मुंह में डाली नाल तो कभी कनपटी पर सटाया तमंचा’, बीवी छोड़ गई तो सिरफिरे ने बच्चों को बनाया बंधक
कन्नौज में पत्नी छोड़कर गई तो सिरफिरे ने तमंचा अड़ाकर बच्चों को आठ घंटे बंधक बनाया। पहले पति की मौत के बाद महिला ने दूसरी शादी की थी। आरोपी कभी खुद को तो कभी बच्चों को गोली मारने की धमकी देता रहा। हालांकि पुलिस ने बच्चों को मुक्त करा लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। छिबरामऊ इलाके में सिरफिरे युवक ने शुक्रवार को अपनी पत्नी को बुलवाने के लिए उसके दो बच्चों को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। कभी खुद को तो कभी बच्चों को गोली मारने की धमकी देते हुए आठ घंटे तक पुलिस को छकाया। पुलिस ने किसी तरह बच्चों को मुक्त कराया। इसके बाद मुठभेड़ में युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।

खुद की कनपटी पर तमंचा लगाकर धमकी देता आरोपी दीपू ,(फोटो)
सिरफिरे के फायर झोंकने से हाथ में गोली लगने से एसओजी प्रभारी भी घायल हो गए। तालग्राम क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर निवासी दीपू चक ने छिबरामऊ निवासी महिला से चार माह पहले कोर्ट मैरिज की थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी है। उसकी 13 साल की बेटी और आठ साल का बेटा नानी के घर में रहते हैं। कुछ दिन पहले महिला दीपू को छोड़कर कहीं चली गई। एएसपी अजय कुमार के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे दीपू पत्नी की तलाश में उसके मायके पहुंचा। दीपू ने उसके दोनों बच्चों को कमरे में तमंचा सटाकर बंधक बना लिया। लोगों की सूचना पर 12:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने लगी। मौका देखकर बेटी बाहर आ गई। एएसपी अजय कुमार दरवाजा खुलवाने के लिए घंटों दीपू से बात करते रहे लेकिन वह पत्नी को बुलवाने की जिद पर ही अड़ा रहा।

महिला, (फोटो)
एसओजी प्रभारी देवेश पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शाम करीब 7:13 बजे एसओजी ने पत्नी को बुलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बेटे को कमरे से बाहर निकलवाया। एसओजी प्रभारी दीपू को पकड़ने लगे तो उसने तमंचे से फायर कर दिया। गोली एसओजी प्रभारी के हाथ को छूते हुए निकल गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली दीपू के पैर में लगी। शाम करीब 7:15 बजे पुलिस उसे गिरफ्तार कर सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बरामद किए सात कारतूस
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि वीडियो कॉल से दीपू की पत्नी से बात कराई गई। इसके बाद युवक और आक्रोशित हो गया और उसने बच्चे के सिर पर तमंचा लगा दिया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। दीपू के पास से सात कारतूस बरामद हुए हैं।
दिल्ली में महिला अचानक हो गई लापता
खुद की कनपटी पर तमंचा रखे दीपू और पास में ही मौत के खौफ की दहशत में बैठा मासूम सिसक रहा था। एएसपी व सीओ युवक के समझाने में जुटे थे। युवक ने बताया कि उसने चार माह पहले बच्चे की मां के साथ कन्नौज में कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद दोनों दिल्ली चले गए। वहां से महिला बिना बताए कहीं लापता हो गई। फोन भी बंद कर लिया। युवक बार-बार अफसरों को धमका रहा था कि महिला को मौके पर बुलाओ। उसके आने में चाहे कितना भी समय लग जाए। न तो खुद की कनपटी से तमंचा हटाएगा और न ही बच्चे को छोड़ेगा।इस बीच किशोरी सूझबूझ दिखाते हुए फोन लाकर मां से बात कराने की बात कहकर कमरे से बाहर निकल गई। दूसरी तरफ भाई के मौत के मुंह में होने पर वह आसपास के लोगों से चीख-चीख कर उसे बचाने के लिए हाथ-पैर जोड़ती रही।
बच्चे के मुंह से नहीं फूटे शब्द
करीब 7:13 बजे सिरफिरे दीपू के चंगुल से छूटा आठ वर्षीय बच्चा इस कदर दहशत में था कि उसके मुंह से बोल नहीं निकल रहे थे। करीब आठ घंटे तक भूखे और प्यासे रहे बच्चे के लिए लोगों ने आनन-फानन भोजन और पानी की व्यवस्था की। उसकी आंखों के सामने मौत का मंजर घूम रहा था। किसी भी चीज को हाथ लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। पुलिस कर्मियों के साथ लोगों ने उसे ढांढ़स बंधाया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, ( फाइल फोटो)
सिरफिरे आशिक एनकाउंटर का घटनाक्रम
सुबह 11:30 बजे दीपू चिक ने कालोनी पहुंचकर किशोरी और उसके भाई को कमरे में बंधक बनाया।
दोपहर 12:15 बजे दीपू को चकमा देकर किशोरी कमरे से बाहर निकली।
दोपहर 12:30 बजे डायल 112 पुलिस पहुंची।
दोपहर 1:00 बजे अतिरिक्त निरीक्षक बृजमोहन पाल पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
दोपहर 1:15 बजे सीओ सुरेश मलिक ने पहुंचकर युवक को समझाने का प्रयास किया।
दोपहर 1:30 बजे एएसपी अजय कुमार भी मौके पहुंच गए
शाम 5:00 बजे एसओजी प्रभारी देवेश पाल टीम के साथ पहुंचे।
शाम 5:30 बजे जेनरेटर का इंतजाम कराया गया
शाम 6:00 बजे एसओजी टीम ने कॉलोनी के बाहर मोर्चा संभाला
शाम 7:13 बजे दीपू चिक ने बच्चे को बंधन मुक्त कर बाहर भेजा।
शाम 7:15 बजे दीपू की फायरिंग के दौरान एसओजी प्रभारी चोटिल। साथ ही एसओजी टीम की जवाबी फायरिंग में दीपू घायल।