प्रतापगढ़ में अजब-गजब खेल, थाना रानीगंज पुलिस ने किया “स्वयं रचित लूटकांड” का खुलासा, वादी निकला खुद ही मास्टरमाइंड
प्रतापगढ़ जिला गजब का है, जहाँ के लोग निराले हैं। तभी प्रतापगढ़ को यूपी का बड़कवा जिला कहा जाता है। यहाँ जो भी घटित हो जाए वह कम ही है। प्रतापगढ़ में अपराध और अपराधियों का खेल समझ पाना बहुत कठिन है। प्रतापगढ़ में एसपी दीपक भूकर के निर्देशन में थाना रानीगंज पुलिस व स्वाट टीम ने एक ऐसी लूटकांड की गुत्थी सुलझाई है, जिसने सभी को चौंका दिया। जिस “लूट पीड़ित” के लिए पुलिस लगातार रात-दिन जांच कर रही थी, वही खुद इस झूठी लूट का रचयिता निकला।
दरअसल, 26 अक्टूबर, 2025 को आशीष कुमार गुप्ता पुत्र श्यामलाल निवासी लच्छीपुर, थाना रानीगंज ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पेट्रोल पंप के पास कुछ बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर ₹6,500 व सोने की अंगूठी लूट ली और फायरिंग करते हुए भाग निकले। मामला गंभीर था, इसलिए एसपी के आदेश पर स्वाट टीम व स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को मामले में शुरू से ही झोल नजर आ रहा था। फिर भी लूट की घटना की प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और पूछताछ के बाद पुलिस ने पाया कि यह पूरा मामला स्वयं वादी आशीष गुप्ता और उसके मित्र गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह की रची साजिश थी। वादी ने अपनी निजी जिंदगी की परेशानी से बचने के लिए खुद पर लूट और फायरिंग का नाटक करवाया था, ताकि उस लड़की को झूठे केस में फंसा सके। ताकि उससे आशीष कुमार गुप्ता को निजात मिल सके।
इस घटना का मुख्य आरोपी गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह पुत्र त्रिभुवन सिंह, निवासी पल्टन बाजार, थाना कोतवाली नगर, प्रतापगढ़ निकला। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो कोतवाली नगर के कई दरोगा इस मुख्य आरोपी गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह के साथी हैं। गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह भूमिगत रहकर ऐसे अपराधों की पटकथा तैयार करता है। कई भूमाफिया भी सुबह शाम गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह के घर पर दरबार करते हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त आशीष कुमार गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि मेरा ‘माँ बाराही फिजियोथैरेपी सेंटर’ नामक क्लीनिक रानीगंज बाजार में है। मेरी शादी लगभग एक वर्ष पूर्व हुई है। शादी से पहले मेरी एक लड़की से जान-पहचान थी, जो मुझसे शादी करने का दबाव बना रही थी। मैं पहले से विवाहित होने के कारण परेशान रहता था, मानसिक तनाव के कारण नींद की गोलियाँ भी खाता था।
मैंने यह बात अपने मित्र गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह से साझा की, जिस पर हमने यह योजना बनाई कि क्यों न मेरे ऊपर एक झूठी लूट व फायरिंग की घटना कराई जाए, जिससे उस लड़की को फँसाया जा सके और वह पीछे हट जाए। इसके लिए गोलू सिंह ने अपने दो साथियों रुद्राक्ष उर्फ रुद्रांश शुक्ला व श्याम मिश्रा को यह काम करने को कहा। गिरफ्तार अभियुक्तगणों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने दो अन्य साथियों रुद्राक्ष उर्फ रुद्रांश शुक्ला पुत्र मिलिन्द शुक्ला एवं श्याम मिश्रा पुत्र नीरज मिश्रा, निवासीगण सब्जी मंडी, थाना कोतवाली नगर, जनपद प्रतापगढ़ की सहायता से उक्त झूठी लूट की घटना रची थी ।
दिनांक- 26.10.2025 को योजनानुसार उन्होंने मेरे बताये स्थान इंडियन पेट्रोल पंप रानीगंज के पास से नकली लूट की घटना की, जिसमें उन्होंने मेरी अंगूठी व ₹6,500 लेकर दिखावटी फायरिंग की। घटना के बाद मैंने थाने में जाकर झूठी तहरीर देकर लूट का मुकदमा दर्ज कराया। यह मेरी और मेरे साथियों की साजिश थी। गिरफ्तार अभियुक्त गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह ने बताया कि मैं पैरालाइसिस का पेसेन्ट हूँ तथा छड़ी लेकर चलता हूँ। मैं डाक्टर आशीष गुप्ता को वर्ष- 2007 से जानता हूँ, यह मेरे साथ पढ़े हैं तथा मैं जबसे बीमार चल रहा हूँ। तबसे इनके क्लीनिक पर थैरेपी कराने जाता रहता हूँ।
हम लोग एक दूसरे के सुख दुख शादी विवाह में एक दूसरे के घर आता जाते हैं। डाक्टर आशीष का किसी लडकी से प्रेम प्रसंग चल रहा है। उसी बात को लेकर डाक्टर काफी हैरान परेशान रहते हैं। डाक्टर ने हमसे यह भी बताया था कि वह लडकी हमसे शादी का दबाव बना रही है, जबकि डाक्टर पहले ही शादी शुदा है। इसी बात को लेकर डाक्टर मानसिक रूप से परेशान होकर नींद की दवा भी खाते हैं तथा डिप्रेशन में रहते हैं ।
यह बात जब आशीष डाक्टर ने हमसे साझा किया था तो हम दोनों लोगों ने डाक्टर के क्लीनिक पर बैठकर यह योजना बनाई कि क्यों न उस लड़की से पीछा छुड़ाने के लिए डाक्टर आशीष के ऊपर लूट व फायरिंग की घटना कारित करा दी जाये तथा अज्ञात में मुकदमा लिखाकर बाद में जब लड़की शादी का दबाव बनायेगी तो हम लोग उस लड़की को व उसके घर वालों को जेल भिजवा दिया जायेगा, जिससे मामला खत्म हो जायेगा।
ऐसे ही अपनी कहानी तैयार कराने डॉ. आशीष कुमार गुप्ता पुत्र श्यामलाल गुप्ता, निवासी लच्छीपुर, थाना रानीगंज भी गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह के सम्पर्क में आया था। गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह की बनाई योजना के तहत दिनांक- 26.10.2025 को मैंने अपने साथी दो लड़कों को जिनका नाम 1.रुद्राक्ष उर्फ रुद्रांश शुक्ला, 2. श्याम मिश्रा को भेजा था। वह योजना के अनुसार डाक्टर आशीष कुमार गुप्ता के बताये स्थान इण्डियन पेट्रोल पम्प से थोडी दूर आगे सून सान स्थान पर योजना के अनुसार डाक्टर से अंगूठी व पैसा लेकर अपनी पिस्टल से दो राउण्ड फायर कर घटना को अंजाम देकर वापस रानीगंज होते हुए अपने घर चले गये।
जिस पिस्टल से रुद्राक्ष व श्याम ने फायर किया था, वह पिस्टल उन्हीं दोनों के पास है। अंगूठी उन्होंने हमें लौटा दी थी, जिसे आज मैं डाक्टर आशीष कुमार गुप्ता को दे दिया हूँ, अंगूठी उनके पास है। मैंने अपने मित्र हरिश्चन्द्र सरोज के मोबाइल से अर्पित शुक्ला जो रुद्राक्ष उर्फ रुद्रांश का चचेरा भाई है, को UPI पर गोलू के कहने पर दिनांक- 28.10.2025 को भिजवाया था। जिसका स्क्रीन शॉट मेरे मोबाइल में है।
रानीगंज पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह जिसने घटना की पटकथा लिखी व स्वयं के साथ झूठी घटना की तहरीर देकर फेंक मुकदमा लिखने वाले डॉ. आशीष कुमार गुप्ता के पास से 01 पीली धातु की अंगूठी, ₹6,500 नकद, 02 मोबाइल फोन (Vivo, Motorola) व 01 बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (UP72BJ6843) बरामद किया जो घटना में प्रयुक्त में प्रयुक्त की गई थी। उक्त वाहन को धारा- 207 एमवी एक्ट के तहत पुलिस ने सीज किया है।
अभियुक्त गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह पुत्र त्रिभुवन सिंह, निवासी पल्टन बाजार, थाना कोतवाली नगर, प्रतापगढ़ का आपराधिक इतिहास की बात करें तो उस पर पांच मुकदमें गंभीर धाराओं में दर्ज हैं, जिनमें तीन मुकदमें जनपद प्रतापगढ़ में दर्ज हैं तो एक मुकदमा जनपद प्रयागराज के झूंसी थाना में दर्ज है और एक मुकदमा मध्य प्रदेश के रीवा जनपद के थाना मनगवां में दर्ज है।
01. मु0अ0सं0 395/25 धारा 309(4)/288/217(2)/ 61(2)ए/317(2) भा0न्या0सं थाना रानीगंज जनपद प्रतापगढ़।
02. मु0अ0सं0 442/2015 धारा 120 बी/201/302/364 भादवि थाना झूँसी प्रयागराज जनपद प्रतापगढ़ ।
03. मु0अ0सं0 15/2016 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना झूँसी प्रयागराज जनपद प्रतापगढ़ ।
04. मु0अ0सं0 548/2022 धारा 286, 34, 427, 504, 506 भादवि थाना कोतवाली नगर जनपद प्रतापगढ़ ।
05. मु0अ0सं0 धारा 564/2019 धारा 307,336,34 भादवि व 25/27 आर्म्स एक्ट थाना मनगवां जनपद रीवा मध्यप्रदेश ।
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस को डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि उनकी शादी के बाद भी एक युवती उनसे शादी का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर उन्होंने अपने दोस्त गोलू सिंह उर्फ शेखर सिंह के साथ बैठकर यह पूरी “लूटकांड की पटकथा” लिखी, ताकि लड़की को फँसाकर पीछा छुड़ाया जा सके। अब यह तय हो चुका है कि डॉ. आशीष गुप्ता का चरित्र भी पाकसाफ नहीं है।
एसपी दीपक भूकर ने कहा “यह घटना प्रतापगढ़ पुलिस की त्वरित और सटीक जांच का उदाहरण है। झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।” टीम का नेतृत्व ASP पूर्वी शैलेन्द्र लाल व क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने किया। घटना का त्वरित खुलासा करने में स्वाट प्रभारी उप निरीक्षक अमित चौरसिया और थाना रानीगंज के प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार सिंह व उनकी टीम के कर्मठ सहयोगी पुलिसकर्मियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।