पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश वाकिफ हुआ ढेर
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश वाकिफ (27) का शुक्रवार तड़के रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में अंत हो गया। वाकिफ पर गो-तस्करी, हत्या, लूट और चोरी जैसे 44 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे।
वह नेपाल बॉर्डर तक तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात एसटीएफ की टीम लूट की घटना के सुराग जुटाने गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वाकिफ अपने तीन साथियों के साथ रौनापार की ओर भाग रहा है। सूचना पर एसटीएफ ने इलाके में घेराबंदी कर ली।
बदमाशों ने पुलिस को देखते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वाकिफ को गोली लगी, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस वाकिफ को सीएचसी हरैया लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
STF टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी डीके शाही कर रहे थे। शाही वही अफसर हैं, जिन्होंने सुल्तानपुर डकैती कांड में वांटेड मंगेश यादव का एनकाउंटर किया था। वाकिफ पर गो-तस्करी, चोरी, हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों के 48 से अधिक मुकदमे आजमगढ़, गोरखपुर और जौनपुर सहित कई जिलों में दर्ज थे।
साल- 2023 में गोरखपुर गो-तस्करी कांड के बाद उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। वाकिफ अपने गिरोह के साथ मिलकर पशुओं की चोरी और गोवंश की अवैध तस्करी करता था। पुलिस को वाकिफ की कई महीनों से तलाश थी। बीती रात वाकिफ का काम तमाम हो गया।
राज्य में 238 अपराधी ढेर…
सूबे में साल-2017 में योगी सरकार आने के बाद अपराध को नियंत्रण करने के लिए अपराधियों पर लगाम कसना शुरू हुआ तो विपक्षी दलों को ये कार्यवाही रास नहीं आयी और वह अपने वोटबैंक के नफा नुकसान को ध्यान में रखकर योगी सरकार को घेरने का काम करने लगी।
जबकि राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, मार्च- 2017 से जुलाई- 2025 तक यूपी पुलिस ने 14,000 से अधिक मुठभेड़ों में 238 अपराधियों को मार गिराया है। इस दौरान 30,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 9,000 से अधिक घायल हुए। इसमें अधिकतर आरोपी विशेष समुदाय से रहे।