आतंकीयों का यूपी कनेक्शन: छह साल से ले रहा था दीनी तालीम, 40 दिन की जमात में भी गया था आतंकी
गुजरात एटीएस द्वारा अहमदाबाद में पकड़े गए तीन युवकों में शामिल झिंझाना निवासी आज़ाद शेख की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार ने कहा कि उसका पहले किसी संगठन या आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा। युवक छह साल तक बुढ़ाना मदरसे में दीनी तालीम लेता रहा।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संपर्कों की जांच कर रही हैं। गुजरात के अहमदाबाद में एटीएस द्वारा पकड़े गए तीन आतंकियों में शामिल आजाद शेख कस्बा झिंझाना के मोहल्ला शेखा मैदान का रहने वाला है। आजाद ने मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित मदरसे से कारी की दीनी तालीम हासिल की। अगस्त महीने में वह दिल्ली मरकज से 40 दिन की जमात में कोलकाता गया था। उसके बाद अब सात नवंबर को वह बुढ़ाना जाने की कहकर निकला था।
आजाद शेख चार भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर का है। पिता सुलेमान शेख और सबसे बड़ा भाई शहजाद राजमिस्त्री का कार्य करता है। दोनों ने बताया कि आजाद ने बुढ़ाना में कोतवाली के निकट मदरसे में कारी की पढ़ाई पूरी की। वह पिछले तीन माह से घर पर ही रहकर राजमिस्त्री के काम में हाथ बंटा रहा था। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे फोन पर एटीएस अहमदाबाद ने आजाद के पकड़े जाने की सूचना दी।
शाम को झिंझाना पुलिस ने आजाद के बारे में जानकारी ली। शहजाद ने बताया कि उसका भाई आजाद सात नवंबर को घर यह कहकर निकला था कि वह बुढ़ाना जा रहा है। शाम को उसने फोन पर बताया कि उसे बुखार आ गया है, वह अगले दिन आएगा। इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ था। पिता सुलेमान ने बताया कि आजाद का इससे पहले किसी से कोई संपर्क नहीं था, न ही किसी भी मामले में वह पकड़ा गया है।
अचानक से इस तरह से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में पकड़े जाना उनकी समझ में नहीं आ रहा है। उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। पहले कभी गुजरात जाने की भी जानकारी नहीं है। सुलेमान का कहना है कि आशंका है कि उसके बेटे को झूठा फंसाया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अहमदाबाद में पकड़े गए तीन आतंकियों में से आजाद शेख के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। उसके बारे में गहनता से जांच की जा रही है।