बिहार विस चुनाव के बाद अब यूपी की बारी, जानें योगी को लेकर संघ की क्या है, तैयारी
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब उत्तर प्रदेश की बारी है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी ने कमर कसकर मोर्चा संभाल लिया है।कील से लेकर कांटे तक दुरुस्त करने की जबरदस्त कवायद शुरू हो गई है।
मिशन-2027 की जमीन तैयार करने के लिए संघ और भाजपा हिन्दुत्व के एजेंडे को धार देंगे। 2027 से पहले संघ ने शताब्दी वर्ष में हिंदुओं को एकजुट करने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया है। बड़े पैमाने पर हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में राजधानी लखनऊ में जनवरी में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारी है।
संघ भगवाधारी सीएम योगी को प्रमुख चेहरे के रूप में कर सकता है, पेश
इस सम्मेलन में संघ भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमुख चेहरे के रूप में पेश कर सकता है। संघ ने यूपी के जमीनी मुद्दों की फेहरिस्त तैयार की है।ऐसे तमाम मुद्दों पर सोमवार को प्रदेश संघ मुख्यालय भारती भवन से लेकर पांच कालिदास मार्ग मुख्यमंत्री आवास तक मैराथन मंथन हुआ। मंथन के मूल में मिशन-2027 ही रहा।
यूपी में विकास की चासनी में पके हिंदुत्व को परोसने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में विकास की चासनी में पके हिन्दुत्व को परोसने की तैयारी है।संघ से समन्वय और भाजपा सरकार और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष दो दिनी प्रवास पर सोमवार को लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट से बीएल संतोष सीधे भारती भवन गए।
भारती भवन में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और अतुल लिमये,पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक महेंद्र शर्मा, पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह,स्वांत रंजन,क्षेत्र संघचालक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में लगभग डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई।
बैठक का समन्वय क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर ने किया। इस बैठक में संघ के विभिन्न समूहों से आए फीडबैक के साथ ही हाल ही में लागू चारों श्रम संहिताओं को सकारात्मक ढंग से लोगों तक पहुंचाने सहित अन्य विषयों पर बात हुई। संघ के शताब्दी वर्ष और विराट हिंदू सम्मेलन की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई है।
जिलों में संघ से समन्वय बढ़ाएं प्रभारी मंत्री
शाम 6 बजे से मुख्यमंत्री आवास में बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समन्वय बैठक से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी और सरकार से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन हुआ। प्रभारी मंत्रियों को संघ के साथ समन्वय और बढ़ाने को कहा गया है।वे हर महीने प्रभार वाले जिलों में संघ कार्यालय जाएं और अलग से बैठक करें।
वहीं एसआईआर को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें तमाम विधायकों द्वारा अपेक्षित रुचि न लिए जाने पर चिंता जताई गई। बैठक में बीएल संतोष और सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के अलावा दोनों क्षेत्र प्रचारक और स्वांत रंजन शामिल रहे।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी रायशुमारी
उत्तर प्रदेश में जल्द संगठन और सरकार में बड़ा बदलाव होना है। इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने यूपी की सियासी नब्ज भी टटोली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उन्होंने कई विषयों पर मंथन किया।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने मंत्रियों के कामकाज के फीडबैक के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी अलग-अलग रायशुमारी की। खबर है कि इस फीडबैक को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद ही कोई फैसला होगा।