‘रुतबा तो मरने के बाद भी रहेगा… लोग पैदल चलेंगे और हम चार कंधों पर’; इंस्टा पर रील लगा सिपाही ने दी जान
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक पुलिसकर्मी ने खुदकुशी कर ली। वह कल्याणपुर में डायल 112 में तैनात था। सिपाही कश्यपनगर में किराये पर रहता था। खुदकुशी से पहले सिपाही ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी की थी।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सिपाही ने खुदकुशी से पहले इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट डाली थी। “रुतबा तो मरने के बाद भी रहेगा लोग पैदल चलेंगे और हम चार कंधों पर… मैं मुस्कुराते हुए मरूंगा जीते जी मुझे खुशी नहीं मिली…”
इंस्टाग्राम पर रील अपलोड कर कल्याणपुर में पीआरवी में तैनात सिपाही ने सोमवार रात को खुदकुशी कर ली। दोपहर में उसी घर में किराये पर रहने वाले दरोगा हेलमेट लेने पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
घटना के बाद एडीसीपी, एसीपी ने जांच-पड़ताल की। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनका इंतजार किया जा रहा है।
एडीसीपी अर्चना सिंह ने बताया कि मथुरा के गोवर्धन निवासी हरेंद्र मान सिंह प्राइवेट कर्मी हैं। उनका छोटा भाई महेंद्र सिंह (30) पुलिस विभाग में सिपाही है। वर्तमान में पीआरवी कल्याणपुर में तैनात था। कल्याणपुर के आईआईटी सोसाइटी माधवपुरम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय यादव के मकान में किराये पर रहता था।
रविवार को पत्नी और बच्चे को मथुरा भेजा
करीब दस दिन पहले पत्नी कविता, बेटे तेजस और छोटू को भी मथुरा से ले आया था। रविवार को पत्नी और बच्चे रात की ट्रेन से मथुरा वापस चले गए थे। हरेंद्र के अनुसार, देर रात को भाई से फोन पर बात हुई थी।
कमरे पर हेलमेट लेने पहुंचे थे, दरोगा
उसके बाद ड्यूटी पर जाने की बात कहकर फोन काट दिया था। दोपहर में करीब दो बजे कल्याणपुर पुलिस ने मौत की सूचना दी। एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार के अनुसार, कल्याणपुर थाने में तैनात दरोगा हितेंद्र करीब एक बजे किसी काम से जा रहे थे।
रस्सी से लटका था, शव
वह हेलमेट लेने मान महेंद्र के कमरे में गए तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा न खुलने पर बगल की खिड़की का कांच तोड़कर देखा तो पंखे के सहारे रस्सी से सिपाही का शव लटक रहा था। दरोगा ने फोन कर मामले की जानकारी थाना प्रभारी राजेंद्र कांत शुक्ला को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुंचा। दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल देखा तो उसमें सिपाही ने मरने से पहले दो स्टेटस लगाए थे। एडीसीपी अर्चना सिंह ने बताया कि सिपाही ने सुसाइड क्यों किया है, इसकी जानकारी नहीं है।
जांच के लिए उसका मोबाइल कब्जे में लिया गया है। परिवार वालों से बातचीत की जा रही है। परिवार वाले अगर कोई आरोप लगाते हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। परिजनों का इंतजार हो रहा है।