फर्जी पेंशन सर्वे के नाम पर बुजुर्ग दंपती से 20 हजार की ठगी, पुलिस जांच में जुटी
अमेठी जिले के थाना शुकुल बाजार क्षेत्र में फर्जी पेंशन सर्वे और आधार सत्यापन के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते 48 घंटे में ठगी का दूसरा मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ताजा मामले में जालसाजों ने बुजुर्ग दंपती को पेंशन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खातों से कुल 20 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ितों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे शुक्लन निवासी जयलाल ने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से उनके घर पहुंचा। उसने खुद को शुकुल बाजार ब्लॉक का कर्मचारी बताते हुए पेंशन और कॉलोनी सर्वे की बात कही। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से पेंशन चालू कराने और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आधार सत्यापन जरूरी है।
आरोपी ने जयलाल से आधार कार्ड मांगा और अपने पास मौजूद फिंगरप्रिंट मशीन पर अंगूठा लगवाया। इसके बाद उसने जयलाल की पत्नी राजदेई से भी उसी मशीन पर अंगूठा लगवाया। पीड़ित दंपती को इस दौरान किसी तरह का संदेह नहीं हुआ, क्योंकि आरोपी सरकारी कर्मचारी जैसा व्यवहार कर रहा था और योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी दे रहा था। घटना के चार दिन बाद 16 दिसंबर को जब जयलाल जनसेवा केंद्र पहुंचे और अपने बैंक खाते की जानकारी ली, तो उनके होश उड़ गए। पता चला कि उनके खाते से 10 हजार रुपये और उनकी पत्नी के खाते से भी 10 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इस तरह ठग ने दंपती के दोनों खातों से कुल 20 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगी का अहसास होते ही बुजुर्ग दंपती थाना शुकुल बाजार पहुंचे और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद दंपती थाने के बाहर रोते-बिलखते नजर आए, जिससे वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
यह कोई नया मामला नहीं
शुकुल बाजार थाना क्षेत्र में यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते एक सप्ताह के भीतर साइबर ठगी की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पहले इसी गांव में पेंशन अपडेट के नाम पर एक अन्य बुजुर्ग से 10 हजार रुपये की ठगी की गई थी। पीड़ित माताफेर पुत्र भुलई ने बताया कि 12 दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे एक अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से उनके घर आया और खुद को शुकुल बाजार ब्लॉक का कर्मचारी बताया। उसने पेंशन अपडेट के लिए आधार सत्यापन की बात कहकर मोबाइल से जुड़ी एक डिवाइस पर अंगूठा लगवाया और मौके से चला गया। बाद में बैंक में जानकारी करने पर पता चला कि उनके खाते से 10 हजार रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं।
रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी से 19.28 लाख की ठगी
इसके अलावा थाना शुकुल बाजार क्षेत्र के पूरे बना मजरे बाहरपुर गांव में हाल ही में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला भी सामने आया था। यहां सेवानिवृत्त रेलवे गनमैन बृजमोहन से ठगों ने 19 लाख 28 हजार रुपये की ठगी कर ली। 31 अक्टूबर को रिटायर होने के बाद उनकी पेंशन शुरू नहीं हुई थी। इसी का फायदा उठाते हुए एक ठग ने खुद को मुंबई डीआरएम कार्यालय का डीपीओ बताकर फोन किया और पेंशन फाइल में दस्तावेजी त्रुटि का हवाला दिया। ठग ने भरोसा दिलाने के लिए व्हाट्सऐप पर दस्तावेजों की पीडीएफ भेजी और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के नाम पर जरूरी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से नौ बार में बड़ी रकम निकाल ली गई।
पुलिस का बयान
इस संबंध में थाना अध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर प्राप्त हो गई है। सभी मामलों की जांच की जा रही है और साइबर सेल की मदद ली जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, ओटीपी या फिंगरप्रिंट जैसी जानकारी न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।