शर्मसार हुई इंसानियत: कड़ाके की ठंड में नवजात बच्ची को बैग में बंद करके सड़क पर छोड़ा, पुलिस वाले ने बचाई मासूम की जान
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में एक बैग में बंद नवजात बच्ची मिली है। पुलिस की तत्परता से समय रहते बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई रही है। पुलिस ने बच्ची को सड़क किनारे छोड़कर जाने वाले की तलाश शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बारादरी थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। रूहेलखंड चौकी के पास किसी ने एक नवजात बच्ची को बैग में बंद कर कड़ाके की ठंड में छोड़ दिया। अगर समय रहते पुलिस वहां न पहुंचती तो शायद बच्ची की जान भी जा सकती थी, लेकिन बारादरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और रोहिलखंड चौकी इंचार्ज मनीष भारद्वाज की सतर्कता और संवेदनशीलता से नवजात को नया जीवन मिल गया।
शनिवार शाम इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और रोहिलखंड चौकी इंचार्ज मनीष भारद्वाज अपनी पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। जब टीम बीसलपुर चौराहे के पास पहुंची, तभी अचानक किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर पुलिस रुकी और आसपास तलाश की गई। तभी सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे रखा हुआ एक बैग दिखाई दिया, जिसमें से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी।
तुरंत अस्पताल पहुंचाया
पुलिस ने जब बैग खोलकर देखा तो अंदर एक नवजात बच्ची थी, जो ठंड से कांप रही थी और लगातार रो रही थी। हालात गंभीर थे। पुलिस ने ने बिना देर किए बच्ची को तुरंत पास के निजी परमेश्वर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्ची को भर्ती कर इलाज शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से बच्ची की हालत में सुधार हुआ है और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो बच्ची को गंभीर नुकसान हो सकता था।
ठंड और भूख के कारण उसकी हालत बिगड़ सकती थी। अस्पताल में बच्ची को गर्म कपड़े पहनाए गए, दूध दिया गया और लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि बच्ची के मिलने की सूचना तुरंत चाइल्ड लाइन को दे दी गई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया चाइल्ड लाइन और जिला प्रशासन के सहयोग से की जा रही है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और उसकी देखरेख की पूरी व्यवस्था की गई है।
CCTV फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात बच्ची को वहां किसने छोड़ा। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही हाल ही में हुए प्रसव और अस्पतालों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि बच्ची के माता-पिता या उसे छोड़ने वाले व्यक्ति तक पहुंचा जा सके। इंस्पेक्टर ने बताया कि नवजात को इस तरह छोड़ना बेहद अमानवीय अपराध है।दोषी चाहे जो भी हो, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है।
इंसानियत की मिसाल बनी पुलिस
इस पूरे मामले में बारादरी पुलिस की भूमिका की इलाके में जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर न पहुंचती तो मासूम की जान चली जाती।