पहले चलाया अफेयर, फिर शादी के लिए मुस्लिम डॉक्टर ने धर्मांतरण का डाला दबाव, प्रेमिका ने खा लिया जहर
लखनऊ KGMU में महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने साथी डॉक्टर पर शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव देने का आरोप लगाया। इनकार पर रिश्ता टूटने से आहत महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। मामले में जांच जारी है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहां एक हिंदू महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उनके साथ पढ़ने वाले एक पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर ने प्रेम संबंध के दौरान शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव डाला। महिला ने इसका विरोध किया तो प्रेमी ने रिश्ता तोड़ दिया। इससे मानसिक रूप से परेशान होकर महिला ने जहरीली टैबलेट खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
गंभीर हालत में उन्हें KGMU के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ और उन्हें छुट्टी दे दी गई। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि जुलाई 2025 में महिला की मुलाकात साथी रेजिडेंट डॉक्टर से हुई। बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध बन गए।
परिवार का कहना है कि पुरुष डॉक्टर ने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फंसाया और भावनात्मक शोषण किया। जब शादी की बात आई तो उसने धर्मांतरण की शर्त रखी। लेडी डॉक्टर के इनकार करने पर उसने रिश्ता खत्म कर दिया। इसके बाद मानसिक तनाव से पीड़िता ने आत्महत्या की कोशिश की। परिवार ने उन्हें तुरंत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां ICU में इलाज के बाद उनकी जान बची। अब पीड़िता स्वस्थ हो रही हैं।परिवार ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल और राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
‘पहले भी एक हिंदू महिला का करवा चुका है धर्मांतरण’
परिवार का दावा है कि आरोपी पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर का विवादों से पुराना नाता है। फरवरी 2025 में उसने एक अन्य हिंदू महिला रेजिडेंट डॉक्टर का धर्म बदलवाकर शादी की थी। अब इसी तरह दूसरी पीड़िता को सब्जबाग दिखाकर फंसाया और धर्मांतरण का दबाव बनाया। विरोध करने पर रिश्ता तोड़ दिया।
KGMU प्रशासन का बयान
KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि महिला रेजिडेंट का इलाज सफल रहा और अब उनकी तबीयत ठीक है। मामले की जांच कराई जा रही है। यह मामला लखनऊ में संवेदनशील मुद्दों को फिर से उजागर कर रहा है। पीड़िता के परिवार ने न्याय की मांग की है, जबकि जांच जारी है। ऐसे मामलों में भावनात्मक शोषण और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बन रही है।