13 हजार घूस लेते दरोगा गिरफ्तारः सीज कार छुड़ाने के एवज में मांगी थी रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने दौड़ाकर पकड़ा
लखनऊ में 20 दिसंबर को एक दरोगा 13 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। लखनऊ की एंटी करप्शन टीम के पहुंचते ही दरोगा ने भागने की कोशिश की। टीम ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। गिरफ्तार करने के बाद एंटी करप्शन टीम दरोगा को घसीटते हुए गाड़ी तक ले गई। उसके बाद उन्हें गोसाईगंज थाना ले जाया गया। दरोगा ने सीज कार रिलीज कराने के लिए न्यायालय में आख्या भेजने के एवज में आरएस13000 रिश्वत मांगी थी। गिरफ्तार दरोगा की पहचान अमर कुमार के रूप में हुई है। उसकी पीजीआई थाना की वृंदावन कॉलोनी चौकी में तैनाती थी।
दरोगा ने अयोध्या निवासी युवक से घूस मांगा था
अयोध्या में इनायत नगर के रहने वाले शशांक कुमार की कार लखनऊ में पीजीआई थाना पुलिस ने सीज कर दी थी। शशांक ने कार छुड़ाने के लिए न्यायालय में अपील की। पीजीआई थाने से न्यायालय ने रिलीज रिपोर्ट तलब की। मामले की जांच पीजीआई थाना की वृंदावन चौकी में तैनात दरोगा अमर कुमार कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा ने न्यायालय में रिपोर्ट लगाने की एवज में आरएस13000 की घूस मांगी।
पीड़ित ने एंटी करप्शन में शिकायत की
शशांक कुमार ने 18 दिसंबर को रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन विभाग में कर दी। एंटी करप्शन विभाग ने दरोगा को पकड़ने के लिए योजना तैयार की। योजना के तहत 20 दिसंबर को एंटी करप्शन टीम वृंदावन चौकी पहुंची। शशांक को केमिकल लगे नोटों की गड्डी देकर चौकी के अंदर भेजा। टीम बाहर सिग्नल का इंतजार करती रही। इस दौरान अमर शशांक से बात करते हुए चौकी के बाहर आया।
शशांक ने जैसे ही चौकी में दरोगा को 13 हजार रुपए दिए, एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तार करने के बाद दरोगा के हाथ पानी के जग में डलवाए गए। जिससे पानी का रंग लाल हो गया। इसके बाद टीम उसे गिरफ्तार करके गोसाईगंज थाना ले गई। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दरोगा अमर कुमार रामपुर कारखाना, जिला देवरिया का रहने वाला है। वह 2023 बैच का दरोगा है।
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गाजियाबाद में महिला दरोगा हेड कॉन्स्टेबल को पकड़ा। इससे पहले एसीबी टीम ने गाजियाबाद में एक महिला दरोगा और हेड कॉन्स्टेबल को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के बाद एंटी करप्शन टीम महिला दरोगा और हेड कॉन्स्टेबल को घसीटते हुए गाड़ी तक ले गई। इन लोगों ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में चार्जशीट से 2 व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए 2 लाख रुपए मांगे थे। हेड कॉन्स्टेबल का मुरादनगर थाने में एकतरफा सिक्का चलता है। वहीं, महिला दरोगा पिंक बूथ की प्रभारी है। मामला मुरादनगर थाना क्षेत्र का था।
हापुड़ जिले के खड़खड़ी गांव में रजनीश त्यागी रहता है। उसके खिलाफ 12 अक्टूबर को मुरादनगर थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच पिंक बूथ प्रभारी महिला दरोगा प्रिया सिंह कर रही थी। आरोप है कि दरोगा प्रिया सिंह, रजनीश त्यागी से उसकी मां कुसुम त्यागी और पिता संजीव त्यागी का नाम चार्जशीट से हटाने के लिए दो लाख रुपए की मांग कर रही थी। रिश्वत के पैसों को लेकर हेड कॉन्स्टेबल शाहिद अली डील कर रहा था। बताया जा रहा है, पैसे न देने पर आरोपियों को जेल भेजने की धमकी भी दी जा रही थी। काफी बातचीत के बाद 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था।
मोदी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई
इसी बीच, रजनीश त्यागी ने 50 हजार की रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन विभाग में कर दी। इस पर एंटी करप्शन विभाग ने दरोगा और सिपाही को पकड़ने के लिए योजना तैयार की। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी कृष्णापाल सिंह अपनी टीम के साथ मुरादनगर थाने पहुंचे। उन्होंने रजनीश त्यागी को केमिकल लगे नोटों की गड्डी दी।
इसके बाद रजनीश त्यागी मुरादनगर थाने पहुंचा। जैसे ही उसने दरोगा प्रिया सिंह और सिपाही शाहिद को 50 हजार रुपए दिए, एंटी करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तार करने के बाद दरोगा और सिपाही के हाथ पानी के जग में डलवाए गए। जिससे पानी का रंग लाल हो गया। इसके बाद टीम दोनों को लेकर मोदीनगर थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई।