प्रतापगढ़ पुलिस पर उठ रहे हैं सवाल ! हाफ एनकाउन्टर पर प्रश्न चिन्ह, पैर में गोली लगने के बाद दुष्कर्म का आरोपी आधी रात अस्पताल से भाग कैसे गया…
72 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रतापगढ़ की जाबाज़ पुलिस की पकड़ से दूर है, दुष्कर्म का आरोपी जावेद उर्फ़ चाँद बाबू…

प्रतापगढ़ के मेडिकल कॉलेज से दुष्कर्म का एक इनामी आरोपी बुधवार सुबह फरार हो गया था। परन्तु 72 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रतापगढ़ की जाबाज़ पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर पट्टी कोतवाल अभिषेक सिरोही ने दुष्कर्म के आरोपी जावेद समेत एक दरोगा व चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोतवाली नगर मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोपी जावेद उर्फ चांद बाबू जो 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मुख्य आरोपी है। जनमानस के दबाव के आगे पट्टी पुलिस सक्रिय हुई और दुष्कर्म के आरोपी के बीच मंगलवार रात में दोनों में मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी जावेद के पैर में गोली लग गई और पुलिस ने उसे आसानी से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ में भर्ती कराया गया था।
मजेदार बात यह रही कि दुष्कर्म का आरोपी जावेद उर्फ़ चांद बाबू मौका पाकर वहां से पुलिस वालों को चकमा देकर भाग निकला। गौर करने लायक बात यह रही कि एक नहीं, बल्कि चार पुलिसकर्मियों की निगरानी के बावजूद वह मेडिकल कालेज से भाग जाता है। जबकि मेडिकल कालेज में पुलिस चौकी भी स्थापित है और मेडिकल कालेज अपनी सुरक्षा के लिए अलग से सुरक्षा तैनात कर रखा है। फिर भी सारी सुरक्षा ताकती रह गई और दुष्कर्म का आरोपी फरार हो गया।
पट्टी कोतवाल अभिषेक सिंह सिरोही ने नगर कोतवाली में तीसरे दिन देर शाम यह मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि आरोपी जावेद की निगरानी के लिए कोतवाली-पट्टी के उपरीक्षक केशव प्रसाद, हेड कांस्टेबल विनोद सिंह, आदर्श यादव और कांस्टेबल गुलशन कुमार को लगाया गया था। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण आरोपी फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश सुल्तानपुर तक की।
सुल्तानपुर में बस से उतरने के बाद वह रेलवे स्टेशन पहुंचा और दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल – ANVT) से रक्सौल (RXL) के लिए सद्भावना एक्सप्रेस में दौड़कर सवार हो गया। यदि आरोपी जावेद नेपाल निकल गया होगा तो उसे पकड़ पाना मुश्किल होगा। चूँकि नेपाल उसके लिए सबसे सुरक्षित स्थान होगा। पुलिस के लिए नेपाल से दुष्कर्म के आरोपी जावेद उर्फ़ चाँद बाबू को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा ।
अब सवाल यह बनता है कि पट्टी पुलिस द्वारा कथित मुठभेड़ में जब आरोपी के पैर में गोली लगी तो वह भागा कैसे ? क्योंकि विशेषज्ञ कहते है जब किसी के पैर में गोली लगी हो तो वह भाग नहीं सकता या पट्टी पुलिस द्वारा बताई गयी मुठभेड़ झूठी है। प्रदेश में पुलिस द्वारा किये गये कुछ हाफ एनकाउंटर पर संदेह जताया गया। पुलिस में ऐसे अफसर हैं जिनके सम्बन्ध अपराधियों से भी रहे हैं और उस सम्बन्ध का निर्वहन करते हुए पुलिस के वो अफसर हाफ एनकाउंटर का स्वांग रचते हैं और बदले में अपरधियों से धन ले लेते हैं।
सूत्रों के अनुसार दुष्कर्म का आरोपी जावेद उर्फ़ चाँद बाबू चलती ट्रेन में एसी कोच के तीन डिब्बे गुजरने के बाद स्लीपर कोच में चढ़ सका। पुलिस अब उसकी तलाश में जौनपुर और वाराणसी के इलाकों में जुटी हुई है। दुष्कर्म का आरोपी जावेद पट्टी के उड़ैयाडीह बाजार में हुई दुष्कर्म की घटना का अभियुक्त है। नाबालिग बच्ची आठ साल की मासूम है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव ब्याप्त है। उड़ैयाडीह बाजार के लोग पहले ही बाज़ार बंद करके प्रदर्शन कर चुके हैं। पुलिस की कार्यशैली से पट्टी की जनता नाराज है।