दहल गया इलाका: जिंदा जल गई मां, धुएं में दम तोड़ गए बेटे; एक बाद दूसरा धमाका; सिलिंडर फटते ही दौड़े लोग
मुजफ्फरनगर शहर के सबसे पॉश इलाके में शुमार वसुंधरा रेजीडेंसी में शाम चार बजकर 54 मिनट तक सब सामान्य चल रहा था। मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और पैदल गुजर रहे लोगों से चहल-पहल थी। मुख्य मार्ग से सटे मकान में हुए धमाके से यहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।पहले कोई कुछ समझ नहीं पाया। आग की लपटें दिखीं तो लोग इकट्ठे होने शुरू हुए। पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर बाद कानूनगो की पत्नी और बेटियां भी पहुंच गईं। तीनों अपने मकान की तरफ जाने लगे लेकिन लोगों ने उन्हें समझाकर रोक लिया। रेजीडेंसी में कुछ ही सेकंड के अंतर पर दो धमाके हुए। यहां सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। मकान से निकलते धुएं और आग की लपटों के कारण मकान के द्वितीय तल तक राहत पहुंचाने में देरी हुई। सीढ़ियां तंग होने के कारण अधिक परेशानी हुई। दमकल विभाग को भी आग पर नियंत्रण करने में करीब एक घंटे का समय लग गया।
टीवी देख रही थी सुशीला, कमरे में बातें कर रहे थे दोनों भाई
दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के बाद मकान में पहुंची तो सुशीला का शव बिस्तर पर ही मिला। माना जा रहा है कि आग और धुएं के कारण वह उठ नहीं सकीं। अंदेशा जताया जा रहा है कि आग लगने की जानकारी उन्हें देर से मिली।

एक के बाद दूसरा धमाका, सड़कों पर आए लोग
घटना के दौरान धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई दी। शिव कुमार बताते हैं कि कानूनगो अमित के घर में आग लगी थी। वह मौके पर पहुंचे थे तो उस समय आग लगी थी। तीन लोगों की मौत हुई है। मकान में रखा पूरा सामान जल चुका था। शुरुआत में वह समझ नहीं पाए लेकिन इसके बाद स्पष्ट हुआ कि हादसा मकान में ही हुआ है। कॉलोनी में रह रहे संजय राठी का कहना है कि वह अपने घर में थे। जोर का धमाका हुआ। पहले कुछ समझ में नहीं आया। कुछ देर बाद ही शोर-शराबा होने लगा। पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंचीं।सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। रेजीडेंसी के डेवलपर अमित चौधरी ने बताया कि उन्हें मोबाइल के जरिए सूचना मिली। हादसे के बाद ह मौके पर पहुंचे तो यहां पर आग लगी हुई थी। हादसा भयावह हुआ है।
मकान के नीचे खड़ी ऋचा भी घायल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद बेटियों के साथ अपने मकान पर कानूनगो की पत्नी ऋचा पहुंच गईं। आग की लपटें देखकर मां-बेटियां बेहाल हो गईं। मकान से गिरा कांच हाथ में लगने के कारण वह भी घायल हो गईं।
राख में तलाशा जा रहा आग का सवाल
मकान में आग किस तरह लगी, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। अंगीठी और गैस सिलिंडर लीक होने को वजह माना जा रहा है। सवाल यह है कि अंगीठी के जरिए गैस ने आग पकड़ी या ओपन रसोई में लीक हुए सिलिंडर में किसी दूसरी वजह से आग लगी।
बचाने के लिए दौड़ा आदित्य, घर में नहीं घुस पाया
आग से झुलसे पड़ोसी आदित्य राणा ने बताया कि धमाका हुआ, जिसके बाद वह अपने मकान से निकला। कानूनगो के मकान से आग की लपटें देखीं। वह दरवाजे तक किसी तरह पहुंच गया। दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन धुएं और आग के कारण वह झुलस गया और कमरे में अंदर दाखिल नहीं हो सका। इसके बाद किसी तरह नीचे की तरफ पहुंचा।
धुएं के कारण राहत कार्य में आई मुश्किल
मकान में आग के साथ धुआं ही धुआं फैल गया। राहत कार्य में मुश्किल हुई। दमकल विभाग की टीम को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां करीब एक घंटे राहत कार्य चलता रहा, जिसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम कमरे में घुस सकी।
देरी से पहुंची दमकल विभाग की टीम
आग लगने के बाद मौके पर सैंकड़ों लोग एकत्र हुए। कॉलोनी के ही शिवम ने दमकल विभाग को जानकारी दी। टीम पहुंची और राहत कार्य में जुट गई। करीब एक घंटे तक राहत कार्य चलता रहा। मकान के नीचे खड़े लोगों ने कहा कि टीम देरी से आई। दमकल विभाग का कार्यालय शहर के बाहर बनाया जाना चाहिए। एसएसपी संजय वर्मा का कहना है कि सिलिंडर फटना ही अब तक वजह सामने आई है। एक सिलिंडर रसोई में और दूसरा बाथरूम में गीजर के पास भी रखा हुआ था। पुलिस जांच कर रही है।