मानवता शर्मसार: स्कूल देर से पहुंचने पर दिव्यांग छात्र को पीट-पीटकर टीचर ने किया बेहोश
आजमगढ़ जिले में देरी से स्कूल पहुंचने पर एक दिव्यांग छात्र की शिक्षक ने लात-घूसों से जमाकर पिटाई की, जिससे वह बेहोश होकर गिर गया। जब पीड़िता परिवार थाने शिकायत करने पहुंचा, तो वहां से उन्हें भगा दिया गया। यूपी के आजमगढ़ में मानवता को शर्मसार करने वाला सामने आया है। देर से स्कूल पहुंचे पर दिव्यांग मासूम छात्र की शिक्षक ने जमकर की पिटाई।वहीं छात्रों को करीब 40 मिनट तक कक्षा के बाहर खड़ा रखा।
पिटाई इतनी की गई कि वह बेहोश हो गया। घटना जिले के थाना रौनापार क्षेत्र की है। आरोप है कि विद्यालय के अध्यापक योगेंद्र यादव ने दिव्यांग छात्र को करीब 40 मिनट तक कक्षा के बाहर खड़ा रखा। जब छात्र ने अपनी पीड़ा बताने की कोशिश की तो उस पर डंडों, लात-घूंसों से हमला किया गया। बताया जा रहा है कि छात्र को इतना पीटा गया कि वह मौके पर बेहोश होकर गिर पड़ा।
पुलिस ने नहीं दर्ज की शिकायत
आरोप यह भी है कि शिक्षकों और अन्य लोगों छात्रों को खेत में फेंकने तक की बात कह दी। यही नहीं विद्यालय कार्यालय में ले जाकर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे न्याय की गुहार लेकर थाना रौनापार पहुंचे, तो वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें डांटकर भगा दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एक दिव्यांग बच्चे की यही जगह है हमारे शिक्षा तंत्र और कानून व्यवस्था में। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल पीड़ितों ने थाने पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी दी है, जिसके बाद अब परिजन कार्रवाई की उम्मीद में बैठे हैं।
पिछले साल भी आया था ऐसा ही मामला
जिले में इस तहर का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी इस तरह के कई मामले हो चुके हैं। पिछले साल जनवरी में बिलरियागंज थाना क्षेत्र में एक टीचर की बेहरमी सामने आई थी। चार दिन बाद स्कूल पहुंचे छात्र की स्कूल प्रबंधक ने जमकर पिटाई की थी। जब इससे उसका मन नहीं भरा तो उसने छात्र से उठक-बैठक कराई और मैदान में मुर्गा बना दिया। परिजनों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधक के खिलाफा मुकदमा दर्ज किया गया था।