ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोए तीन सिक्योरिटी गार्डों की दम घुटने से मौत
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। उझानी थाना क्षेत्र के कुड़ा नरसिंहपुर गांव स्थित एक मेंथा फैक्ट्री में तीन सुरक्षाकर्मियों की लाशें मिलने से अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही यह खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन फैक्ट्री परिसर में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर पहुंची पुलिस को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
फैक्ट्री के केबिन के अंदर तीन-तीन शव जमीन पर पड़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को घेर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन परिजनों ने तीनों की हत्या की आशंका जताई है।
मंगलवार सुबह सामने आई घटना
जानकारी के अनुसार, कुड़ा नरसिंहपुर गांव स्थित मेंथा फैक्ट्री में रोज की तरह सुबह काम शुरू होने वाला था। इसी दौरान फैक्ट्री कर्मचारियों ने जब केबिन की ओर देखा तो अंदर का नजारा देखकर सन्न रह गए। केबिन के अंदर तीन सुरक्षाकर्मी मृत अवस्था में जमीन पर पड़े थे। आनन-फानन में इसकी सूचना फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस को दी गई।
कुछ ही देर में यह खबर गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों लोग फैक्ट्री के बाहर जमा हो गए। मृतकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक, मृत पाए गए तीनों लोग फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात थे। उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—
जोगेंद्र यादव (30) पुत्र रामबहादुर, निवासी बसावनपुर, थाना मुजरिया भानु यादव (26) पुत्र श्रीपाल, निवासी मुड़सैना, थाना दातागंज विवेक यादव (28)
तीनों के शव फैक्ट्री के केबिन के अंदर जमीन पर पड़े मिले। मौके पर किसी तरह की स्पष्ट बाहरी चोट या संघर्ष के निशान तुरंत नजर नहीं आए, लेकिन हालात संदिग्ध बने हुए हैं।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन बदहवास हालत में फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि तीनों की मौत सामान्य नहीं हो सकती और यह पूरी तरह से हत्या का मामला है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में पहले भी सुरक्षा को लेकर विवाद होते रहे हैं और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिलती रही हैं। उनका कहना है कि तीनों सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे और एक साथ उनकी मौत कई सवाल खड़े करती है।
फैक्ट्री परिसर में हंगामा, पुलिस को झेलना पड़ा विरोध
तीनों शव मिलने की सूचना के बाद फैक्ट्री परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। गुस्साए लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। कुछ देर के लिए स्थिति बेकाबू हो गई।
मौके पर पहुंची उझानी थाना पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से रोकने की कोशिश करने लगी। पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने के बाद लोगों को शांत कराया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया और किसी को भी अंदर जाने से रोक दिया गया। फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है, जो केबिन और आसपास के इलाके की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला हत्या का है या किसी अन्य कारण से मौत हुई है।
मौत की वजह पर सस्पेंस बरकरार
फिलहाल तीनों सुरक्षाकर्मियों की मौत की वजह को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं दम घुटने, जहरीली गैस या किसी रसायन के प्रभाव से तो मौत नहीं हुई।
चूंकि मेंथा फैक्ट्री में विभिन्न प्रकार के रसायनों का इस्तेमाल होता है, इसलिए पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। हालांकि, परिजनों का साफ कहना है कि तीनों की हत्या की गई है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ
पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रात में फैक्ट्री में कौन-कौन मौजूद था, सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी का समय क्या था और आखिरी बार उन्हें किसने देखा था।
इसके साथ ही फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद कुड़ा नरसिंहपुर गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए फैक्ट्री और गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को भी भरोसा दिलाया गया है कि सच्चाई सामने लाई जाएगी।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
एक साथ तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि अगर सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है।