मां और भाई की चापड़ से काटकर की निर्मम हत्या: ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादे शव, पुलिस की हिरासत में आरोपी
यूपी के मिर्जापुर में युवक ने सौतेली मां और भाई की चापड़ से काटकर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने शवों को ठिकाने लगाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले गया था। भाई का शव डेढ़ सौ मीटर पहले रास्ते में गिर गया था। उठाने पहुंचा तो लोगों ने शोर मचा दिया। पुलिस ने पकड़ लिया है। यूपी के मिर्जापुर के मड़िहान थाने से 200 मीटर दूर गुप्ता भवन में मंगलवार की सुबह बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी आयुष गुप्ता (30) और उनकी मां ऊषा गुप्ता (55) की सौतेले भाई राहुल ने भुजाली (चापड़) से काट कर हत्या कर दी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादे शव
सड़क किनारे मिला आयुष का शव
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
परिवार रजिस्टर से गायब था राहुल का नाम
सौतेली मां और भाई की हत्या का आरोपी राहुल का नाम परिवार रजिस्टर में नहीं था। आसपास के लोगों के मुताबिक नाम कटवाने के शक में उसने सौतेली और भाई की हत्या की। परिवार रजिस्टर से राहुल का नाम कटना और कुछ दिनों पहले पिता की ओर से ठेकेदारी के लिए बैंकों में रखे गए बंधक पत्रों का लगभग एक करोड़ मिलना भी घटना की तरफ इशारा कर रहा है। पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है। आसपास के लोगों का कहना था कि जब 10 साल बाद राहुल घर लौटा तो उसका नाम परिवार रजिस्टर सहित कई दस्तावेजों से गायब मिला। उसे शक था कि उसका नाम सौतेली मां और भाई ने कटवा दिया है। दस्तावेजों में नाम दर्ज कराने में राहुल के पसीने छूट गए थे। पिता की संपत्ति पर मालिकाना हक दर्ज कराने के लिए उसने मड़िहान तहसील से 25 नवंबर 2023 को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी कराया था।
राहुल के नाम से करते थे ठेकेदारी
लोगों ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से गुप्ता भवन में लोगों का जमावड़ा हो रहा था। आयुष के जीजा राजकुमार गुप्ता ने बताया कि राहुल के पिता प्रेम चंद्र पिता पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार थे। राहुल के नाम से भी ठेकेदारी करते थे। राहुल ठेकेदारी का 10 करोड़ लेकर केरल भाग गया था। सारा कर्जा उसके पिता ने भरा। पिता की 2023 में मौत होने के बाद वह घर लौटा। घर लौटने के बाद से संपत्ति को लेकर विवाद कर रहा था। छह माह पहले विवाद थाने पर पहुंचा था पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी की निशानदेही पर क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन शिखा भारती के साथ पुलिस टीम पटेवर स्थित नहर पर पहुंचकर शव की खोजबीन की।
राहुल के पिता की दोनों पत्नियों के नाम थे ऊषा
मड़िहान बाजार स्थित गुप्ता भवन में मंगलवार की भोर मां-बेटे की हत्या का कारण संपत्ति विवाद बताया जा रहा है। कस्बा निवासी परिचित ज्योति प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रेमचंद्र गुप्ता सन 1984 में मऊ के वलीदपुर से मड़िहान बाजार में आकर बस गए थे। वह पीडब्लूडी के बड़े ठेकेदारों में शुमार थे। उनके पास करोड़ों की संपत्ति थी। उनकी पहली पत्नी ऊषा देवी से पुत्री गुंजन और पुत्र राहुल थे। 36 वर्ष पहले पत्नी ऊषा देवी का निधन हो गया था। इसके बाद प्रेमचंद्र ने दूसरी शादी ऊषा गुप्ता से की। दूसरी पत्नी से पुत्र आयुष और दो बेटियां संध्या और विनीता गुप्ता थीं। प्रेमचंद ने अपनी तीनों पुत्रियों की शादी कर दी थी। राहुल का भी विवाह 2009 में मिर्जापुर मुकेरी बाजार में किया था। 2013 में राहुल और उसकी पत्नी के रिश्तों में दरार आ गई। शादी टूट गई। करीब तीन वर्ष घर पर रहने के बाद राहुल कहीं चला गया। इसी बीच प्रेमचंद्र गुप्ता की सन 2023 में मौत हो गई, तब वह घर लौटा।