दिनदहाड़े परिवार के 4 लोगों की कूचकर हत्या: कारोबारी के पिता, पत्नी और बेटी की मिली लाश
यूपी के एटा जिले में सोमवार को दिनदहाड़े दवा कारोबारी के बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी-बेटी की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। कारोबारी की मां फर्श पर पड़ी तड़प रही थीं। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे में जहां लाशें पड़ी थीं, वहां खून से सनी इंटरलॉकिंग वाली ईंट पड़ी थी। आशंका है कि इसी ईंट से सभी के सिर कूचे गए। धारदार हथियार से हमला किया गया। घटना के समय घर पर चार लोग ही मौजूद थे। दोपहर 2 बजे कारोबारी का बेटा स्कूल से लौटा तो उसने लाशें देखीं। एक बजे के आसपास कारोबारी खाना खाने घर आया था। तब तक सब ठीक था। लूटपाट भी नहीं हुई। मृतकों में गंगा सिंह (75), उनकी पत्नी श्यामा देवी (70), बहू रत्ना देवी पत्नी कमल सिंह (45) और कमल की बेटी ज्योति (20) शामिल हैं। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के नगला प्रेमी इलाके का है। परिवार में अब कमल सिंह, उनकी 17 साल की बेटी लक्ष्मी और 5 साल देवांश बचा है।
क्राइम सीन समझिए…
दो मंजिला मकान में ऊपर की मंजिल में दो कमरे और बरामदा है। नीचे हॉल, एक रूम और जीना बना हुआ। मकान में गंगा सिंह की लाश ग्राउंड फ्लोर पर चारपाई पर पड़ी थी। कमल की मां श्यामा देवी और बेटी ज्योति के शव फर्स्ट फ्लोर पर कमरे की फर्श पर पड़े थे। जबकि पत्नी रत्ना का शव बेड पर था। पुलिस जब पहुंची तो श्यामा देवी के शरीर में हलचल थी। उनकी सांसें चल रही थीं। श्यामा देवी का सिर बुरी तरह फटा हुआ था, जबकि अन्य शवों पर भी गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
बेटा बोला- मैं खाना खाकर गया था, तब सबकुछ ठीक था गंगा सिंह के बेटे कमल ने बताया- दोपहर एक बजे के आसपास मैं अपने मेडिकल स्टोर से खाना खाने घर आया था। दुकान पर 17 साल की बेटी लक्ष्मी को बिठाकर आया था। उस समय घर पर सबकुछ ठीक था। सभी लोग घर पर थे। खाना खाने के बाद मैं मेडिकल स्टोर चला गया। वहां से मार्केट चला गया। मेरा बेटा स्कूल से लौटा तो कमरे में पंखा चल रहा था। उसने बरामदे में अपने शूज उतारे और कहने लगा कि ठंड में पंखा कौन चला रहा है। जब कोई जवाब नहीं मिला तो अंदर जाकर देखा। अंदर का मंजर देख उसकी चीख निकल पड़ी। उसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया तब हत्याकांड का पता चला।
5 साल का देवांश बोला- दादी- दीदी जमीन पर पड़ी थीं
कमल के बेटे 5 साल के बेटे देवांश ने बताया- घर में मेरे बाबा, मम्मी, दीदी और दादी थीं। मैं सुबह स्कूल गया था। 2 बजे छुट्टी होने के बाद जब वापस आया तो ऊपर वाले कमरे में गया। मैंने आवाज लगाई, लेकिन कोई कुछ नहीं बोला। फिर हमने कमरे में पंखा चलने की आवाज सुनी। सोचा इतनी ठंड में पंखा कौन चलाता है। कमरे में गया तो मेरी दादी और दीदी जमीन पर पड़ी थीं। मम्मी बेड पर पड़ी थीं। जबकि बाबा नीचे पड़ी चारपाई पर लेटे रहते थे। वो चल फिर नहीं पाते थे।
ज्योति की 11 फरवरी को आनी थी बारात
पड़ोसियों ने बताया- कमल की बड़ी बेटी ज्योति की शादी फिक्स हो गई थी। 11 फरवरी को घर पर बारात आनी थी। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में लगे थे।कोई अपना ही हत्याकांड में शामिल?
पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड में कारोबारी का कोई अपना शामिल है, जिसने पहले से रेकी की। हालांकि हत्या का उद्देश्य क्या है, यह अभी साफ नहीं हो सका है। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड ने भी पड़ताल की है। पुलिस हमलावरों की तलाश में घर के बाहर और मोहल्ले में लगे सीसीटीवी की तलाश में जुट गई है।
एडीजी और डीआईजी मौके पर पहुंचे
हत्याकांड की सूचना के बाद अलीगढ़ रेंज के डीआईजी प्रभाकर चौधरी और एडीजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ घटना स्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने हत्याकांड को लेकर कारोबारी कमल, उनकी बेटी लक्ष्मी और 5 साल के बेटे देवांश से बातचीत की।
पुलिस इन एंगल पर कर रही जांच
हत्याकांड के समय को लेकर पुलिस को शक है कि वारदात से पहले रेकी की गई है। कारोबारी कमल के जाने और उनके बेटे के स्कूल से आने के बीच हत्याकांड को अंजाम दिया गया, जिससे किसी जानकार पर हत्याकांड का शक गहरा गया है। एक साथ चार लोगों की हत्या को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि हमलावारों की संख्या एक से ज्यादा रही है। घर में लूटपाट की बात से परिवार इनकार कर रहा है। अब हत्या का कारण प्रॉपर्टी है या कोई और। इन सवालों के जवाब पुलिस तलाश रही है।
एडीजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ ने बताया-
” मौके पर साक्ष्य जुटाए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली गई हैं। पुलिस की टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया है। अभी हत्याकांड का कोई कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जायेगा।