कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के केस में विवेचक की रिमांड अर्जी किया खारिज, रिमांड मजिस्ट्रेट सत्येंद्र मिश्र की अदालत ने मात्र आरोपी मां-बेटे को भेजा जेल
सुलतानपुर। प्रभारी रिमांड मजिस्ट्रेट सत्येंद्र मिश्र की अदालत में शनिवार को हैदर अब्बास की गैर इरादतन हत्या से जुड़े मामले में नामजद आरोपी मां-बेटे व प्रकाश में आई आरोपी शकीना बानो को गिरफ्तार कर पेश किया। जज सत्येंद्र मिश्र की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मां-बेटे का रिमांड स्वीकार करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
पड़ोस की ही होने के बावजूद आरोपी शकीना को एफआईआर में नहीं किया था, नामजद
वहीं पड़ोस की ही आरोपी होने के बावजूद आरोपी शकीना को प्राथमिकी में नामजद नहीं करने एवं बाद में प्रकाश में नाम लाकर आरोपी बनाए जाने पर अभियोजन कहानी को संदिग्ध मानते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने विवेचक का रिमांड आवेदन निरस्त कर दिया है। अदालत ने आरोपी शकीना की सशर्त रिहाई का आदेश देते हुए उसके बताए स्थान पर सुरक्षित पहुँचाने का भी कोतवाली पुलिस को निर्देश दिया है।
विवेचना के दौरान बाद में प्रकाश में नाम लाकर गिरफ्तारी करना कोर्ट ने माना संदिग्ध, रिमांड किया रिफ्यूज
कोतवाली नगर के चुनहा- करौंदिया देहात की रहने वाली वादिनी अफरोज बानो ने बीते शुक्रवार की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। वादिनी के आरोप के मुताबिक पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी खादिम,बिलकिस बानो व तौकीर हुसैन एवं तीन अज्ञात लोग पुरानी रंजिश की वजह से उनके घर में घुस आए और हमला बोल दिया,जिससे उन्हें काफी चोटे आई।
कोर्ट ने रिमांड रिफ्यूज करने के बाद सशर्त रिहा शकीना को मायके तक सुरक्षित तरीके से पहुँचाने का दिया आदेश
आरोप के मुताबिक बीच -बचाव में पहुंचे उनके पति हैदर अब्बास को भी आरोपियों ने मारा पीटा,जिसके चलते हैदर अब्बास को गम्भीर चोटे आई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला बनाते हुए नामजद आरोपी खादिम व बिलकिस बानो को एवं खादिम की पत्नी शकीना बानो का भी नाम प्रकाश में लाकर उनकी गिरफ्तारी कर अदालत में पेश किया था।
अदालत द्वारा रिमांड रिफ्यूज करने के बाद पुलिस को लगा बड़ा झटका
आरोपियो की रिमांड पर सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी ने वादिनी व पुलिस की कहानी का समर्थन करते हुए शकीना का भी रिमांड स्वीकार करने व उसे जेल भेजने की मांग किया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय ने पुलिस की कार्यशैली व अभियोजन कहानी पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया।
कोतवाली नगर के चुनहा- करौंदिया देहात में एक दिन पूर्व हुए विवाद में हैदर अब्बास की मौत से जुड़ा मामला
बचाव पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक वादिनी ने घर के सामने की ही आरोपी होने के बावजूद शकीना को मुकदमे में नामजद नहीं किया गया था और बाद में प्लांटेड तरीके से पांच माह के बच्चे की मां को गलत से मुल्जिम बनाया जा रहा है। बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वादिनी की कहानी व पुलिस की कार्रवाई को उचित नहीं माना और रिमांड अर्जी खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस आदेश से कोतवाली नगर पुलिस को रिमांड रिफ्यूज से जुड़े मामले में फिर एक बार बड़ा झटका लगा है।