प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी: साथी के रुपये हड़पने को सर्राफ ने ही कराई थी गजेहड़ा जंगल में लूट
प्रतापगढ़ के देल्हूपुर थाना क्षेत्र में अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुक्रवार रात गजेहड़ा गांव के पास अमेठी के एक सर्राफ से तीन किलो चांदी और 9.60 लाख रुपये नकद लूटे गए थे। जांच में सामने आया कि पीड़ित सर्राफ ने ही अपने साथी के रुपये हड़पने के लिए अन्य साथियों की मदद से लूट की साजिश रची थी।
अमेठी के रामगंज निवासी सर्राफ रितेश मौर्य जौनपुर सदर कोतवाली के विकास सोनी के साथ चांदी खरीदकर घर लौट रहे थे। शुक्रवार रात करीब नौ बजे अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर देल्हूपुर के गजेहड़ा जंगल में उन्होंने कार रोकी। तभी पीछे से बाइक पर आए तीन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर 9.60 लाख रुपये नकद और तीन किलो चांदी लूट ली और प्रयागराज की ओर फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस की कई टीमें छानबीन में जुट गईं। घटनास्थल से मानधाता, प्रयागराज और जौनपुर की ओर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने रितेश और विकास सोनी से लगातार पूछताछ की, जिससे उनके बयानों में विरोधाभास सामने आया और पुलिस का संदेह गहराता गया।
पुलिस के सवालों के घेरे में आने पर रितेश मौर्य ने सच कबूल कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लूटी गई चांदी रितेश की थी, जिसका उसने बीमा करा रखा था, जबकि नकद रुपये उसके साथी विकास सोनी के थे। विकास के रुपये हड़पने के लिए रितेश ने कोहंडौर थाना क्षेत्र के अपने एक साथी की मदद से इस लूट की वारदात को अंजाम दिलवाया था।
लूट की योजना पहले प्रयागराज के सोरांव इलाके में बनाने की थी। हालांकि, मऊआइमा के आगे टोल प्लाजा पार करने के बाद वे कुछ ही किलोमीटर दूर देल्हूपुर के गजेहड़ा तक लघुशंका के लिए तीन बार रुके। गजेहड़ा के सुनसान जंगल में रुकने के बाद उन्होंने जानबूझकर कार के अंदर की लाइट भी जला रखी थी, जिससे यह घटना सुनियोजित लगे।
रितेश से पूछताछ के बाद सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने पुलिस टीमों के साथ सोमवार को कोहंडौर इलाके में एक युवक के घर छापेमारी की। पुलिस अब इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।